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मन की बात की 113वीं कड़ी में प्रधानमंत्री का सम्बोधन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 25th अगस्त। आज 25 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 113वीं कड़ी के माध्यम से देशवासियों को सम्बोधित किया। इस कड़ी में उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी कई प्रेरणादायक कहानियों और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।

प्रधानमंत्री ने सबसे पहले चंद्रयान-3 की सफलता की बात की। उन्होंने इसरो के वैज्ञानिकों और सभी भारतीयों को बधाई देते हुए कहा कि यह मिशन भारतीय वैज्ञानिकों की क्षमता और दृढ़ता का प्रतीक है। उन्होंने चंद्रयान की ऐतिहासिक उपलब्धि को देश की प्रगति का उदाहरण बताया और कहा कि इससे भारत का विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र और मजबूत हुआ है।

प्रधानमंत्री ने गणेश चतुर्थी और रक्षा बंधन जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि ये पर्व हमें एकता और भाईचारे का संदेश देते हैं। उन्होंने पर्यावरण की सुरक्षा और उत्सवों को प्रकृति के अनुकूल मनाने की अपील की।

इस कड़ी में उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसे अभियानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है और लोग खुले में शौचमुक्त (ODF) अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। जल संरक्षण की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को पानी की बचत के प्रति जागरूक होना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने खेलों में भारत की उपलब्धियों की चर्चा की, खासतौर पर एशियाई खेलों में खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने युवाओं को खेलों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि खेल सिर्फ शारीरिक तंदुरुस्ती का माध्यम नहीं है, बल्कि मानसिक मजबूती का भी साधन है।

प्रधानमंत्री ने नए संसद भवन और संविधान के प्रति सम्मान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश को एक नई दिशा देने के लिए संविधान के आदर्शों का पालन आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने और अपने अधिकारों और कर्तव्यों को समझने की अपील की।

अंत में, प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पर्यावरण की सुरक्षा और समाज में शांति और एकता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति में सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है, और हमें मिलकर देश को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।

प्रधानमंत्री का यह सम्बोधन देशवासियों के बीच प्रेरणा और आशा का संदेश लेकर आया, जिससे सभी को अपनी जिम्मेदारियों का अहसास हुआ।

 

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