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पूर्वी तट रेलवे ने माल भाड़े में नया रिकॉर्ड बनाया, 148 दिन में 10.057 करोड़ टन माल ढोया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28th अगस्त। माल भाड़ा भारतीय रेलवे की कमाई का सबसे बड़ा स्रोत है, क्योंकि यात्री किराये पर रेलवे काफी सब्सिडी देता है। इसी के चलते रेलवे को अधिक आय माल भाड़े से ही प्राप्त होती है। हर दिन, ट्रेनों के माध्यम से देश के विभिन्न कोनों में टनों माल भेजा जाता है।

पूर्वी तट रेलवे (ECOR) ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में 26 अगस्त तक केवल 148 दिनों में 10.057 करोड़ टन माल ढोकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि गत वित्त वर्ष 2023-24 में इसी आंकड़े तक पहुंचने में 152 दिन लगे थे।

आधिकारिक बयान के अनुसार, पूर्वी तट रेलवे ने 26 अगस्त 2024 तक माल ढुलाई में 3.37 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.282 लाख टन अधिक है। गत वर्ष इसी अवधि में 9.72 करोड़ टन माल ढोया गया था।

मुख्य योगदान

पूर्वी तट रेलवे के तीन प्रमुख संभाग—खुर्दा रोड, वाल्टेयर, और संबलपुर—ने कोयला, इस्पात संयंत्र के लिए कच्चा माल, लोहा व इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक, और पेट्रोलियम उत्पादों (पीओएल) की माल ढुलाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2023-24 में माल ढुलाई का नया रिकॉर्ड स्थापित किया था, जिसमें 1500 मिलियन टन माल ढोकर 2.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की आय प्राप्त की गई। इससे पहले, वित्त वर्ष 2022-23 में रेलवे ने 1512 मिलियन टन माल ढोया था।

 

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