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महाराष्ट्र चुनाव से पहले गरमाई सियासत: शिवसेना (उद्धव गुट) ने मणिपुर हिंसा पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना

 

समग्र समाचार सेवा

मुंबई ,14 सितम्बर। महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विपक्षी महागठबंधन (एमवीए) लगातार राज्य और केंद्र सरकार पर हमलावर है। इसी कड़ी में शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे गुट) ने एनडीए की केंद्र सरकार को निशाने पर लिया है।

शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए मणिपुर में जारी हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर कड़ी आलोचना की है।

मणिपुर हिंसा पर सरकार की चुप्पी पर सवाल

सामना में प्रकाशित लेख में कहा गया है कि मोदी सरकार रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए शांति की पहल कर रही है, लेकिन मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि मणिपुर की स्थिति बेहद गंभीर है, लेकिन केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली है। लेख में तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया, “मणिपुर हिंसा पर मोदी सरकार के मुंह में दही जम गया है।”

डेढ़ साल से मणिपुर हिंसा की चपेट में

लेख में यह भी उल्लेख किया गया कि मणिपुर में पिछले डेढ़ साल से हिंसा का सिलसिला जारी है, जिसमें अब तक 200 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। बावजूद इसके, केंद्र और राज्य सरकारें मूकदर्शक बनी हुई हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को मणिपुर की जनता के हाल पर छोड़ दिया है, जो अब असम में रह रहे हैं।

इस तीखे हमले के जरिए शिवसेना (यूबीटी) ने मणिपुर के हालात पर केंद्र सरकार की उदासीनता को लेकर जनता के सामने सवाल खड़े किए हैं, जो आगामी महाराष्ट्र चुनावों में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

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