Site icon Samagra Bharat News website

वक्फ संपत्तियों पर योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब केवल 1952 तक के रिकॉर्ड होंगे मान्य

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,24 नवम्बर।
योगी सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए निर्णय लिया है कि फसली वर्ष 1359 (1952) तक के राजस्व रिकार्ड में दर्ज संपत्तियों पर ही वक्फ का दावा मान्य होगा। अब किसी भी संपत्ति को वक्फ के नाम दर्ज कराने के लिए राजस्व विभाग में किए जाने वाले दावों के दस्तावेजों का फसली वर्ष 1359 के रिकार्ड से मिलान किया जाएगा। यदि दावों का फसली वर्ष 1359 के रिकार्ड से मिलान नहीं हुआ, तो उस संपत्ति पर वक्फ का दावा मान्य नहीं होगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश वक्फ नियमावली-2024 को प्राख्यापित किए जाने का अनुमोदन किया गया। इस नियमावली के अनुसार, फसली वर्ष 1359 यानी 1952 तक राजस्व रिकार्ड में दर्ज संपत्तियां ही वक्फ की मानी जाएंगी। साथ ही, फसली वर्ष 1359 के बाद वक्फ के नाम पर दर्ज संपत्तियों के संबंध में सरकार अलग से निर्णय लेगी।

इस नियमावली के लागू होने के बाद, यदि वक्फ द्वारा किसी संपत्ति पर दावा किया जाता है, तो राजस्व विभाग यह सत्यापित करेगा कि फसली वर्ष 1359 में वह संपत्ति वक्फ के नाम पर थी या नहीं। यदि उस वर्ष से संबंधित दस्तावेज नहीं मिले, तो वक्फ का दावा अस्वीकार कर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त, वक्फ की एक सदस्यीय कमेटी को अब दो सदस्यीय कर दिया गया है। साथ ही, न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई है।

Exit mobile version