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तमिलनाडु के वन मंत्री के पोनमुडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी के सामने पेश, स्टालिन ने बताया भाजपा की चाल

समग्र समाचार सेवा

तमिलनाडु,17 दिसंबर।  तमिलनाडु के वन मंत्री और डीएमके नेता के पोनमुडी मंगलवार को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। ईडी ने अवैध खनन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में वन मंत्री का बयान दर्ज किया।

इससे पहले जुलाई में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पोनमुडी, उनके बेटे पूर्व सांसद डॉ. पी गौतम सिगामणि और कुछ पारिवारिक सदस्यों की 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी।

क्या है आरोप:
पोनमुडी पर आरोप है कि 2007 से 2010 के बीच, जब वह तमिलनाडु सरकार में खान मंत्री थे, उन्होंने अपने बेटे पी गौतम सिगामणि, सिगामणि के बहनोई केएस राजमहेंद्रन और जयचंद्रन के नाम पर खनन के पांच लाइसेंस जारी किए। इन लाइसेंसों के तहत सिगामणि ने पट्टे पर दी गई भूमि से लाल मिट्टी की खुदाई की।

जांच में सामने आया कि खुदाई सीमा से अधिक की गई, जिसमें करीब 25.7 करोड़ रुपये की लाल मिट्टी निकाली गई। आरोप है कि इस मिट्टी की बिक्री से हुई कमाई को विदेशों में निवेश किया गया। मामले की शिकायत के बाद राज्य पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, मंत्री ने इस मामले में मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े होने के कारण यह मामला ईडी को सौंपा गया। ईडी ने पिछले साल जुलाई में चेन्नई और विल्लुपुरम में मंत्री पोनमुडी और उनके बेटे के परिसरों पर छापेमारी की थी। जांच के बाद ईडी ने उनकी 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली थी। पोनमुडी फिलहाल विल्लुपुरम जिले की तिरुक्कोयीलुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और उनके बेटे सिगामणि कल्लाकुरुचि लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं।

स्टालिन ने बताया राजनीतिक बदला:
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने ईडी की कार्रवाई को भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया है। उन्होंने कहा, “यह भाजपा द्वारा किया जा रहा ड्रामा है। भाजपा राजनीतिक बदले की भावना से ईडी का दुरुपयोग कर रही है।”

स्टालिन ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी और सरकार को इस तरह की कार्रवाई से डराया नहीं जा सकता।

 

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