समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,4 जनवरी। दिल्ली-NCR में ठंड के साथ बढ़ते कोहरे और प्रदूषण के स्तर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। खराब होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को फिर से लागू कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण पाना है, जो हाल के दिनों में गंभीर स्तर तक पहुंच चुका है।
सुबह का प्रदूषण स्तर बेहद खराब
आज सुबह दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया, जो “गंभीर” श्रेणी में आता है। सुबह 5 बजे के आंकड़ों के अनुसार, कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर था। बढ़ते कोहरे ने स्थिति को और बदतर बना दिया, जिससे हवा में विषाक्त कणों की मात्रा बढ़ गई।
GRAP-3 के तहत लगाई गई पाबंदियां
GRAP-3 के तहत निम्नलिखित सख्त कदम उठाए गए हैं:
- निर्माण कार्य पर रोक: बड़े निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध। केवल आवश्यक परियोजनाओं को छूट दी जाएगी, जैसे अस्पताल, रेलवे और मेट्रो निर्माण।
- औद्योगिक गतिविधियां: गैर-जरूरी औद्योगिक गतिविधियों पर पाबंदी। केवल उन्हीं उद्योगों को अनुमति है जो स्वच्छ ईंधन का उपयोग करते हैं।
- डीजल वाहनों पर प्रतिबंध: 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर रोक।
- जनता से अपील: लोगों को निजी वाहन के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
प्रदूषण स्तर बढ़ने के कारण
- कोहरे और धुंध का असर: कोहरे की मोटी चादर ने प्रदूषकों को हवा में स्थिर बना दिया है।
- पराली जलाने का प्रभाव: पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामलों में वृद्धि ने प्रदूषण स्तर को और बढ़ाया है।
- ठंडी हवाएं: धीमी गति से चल रही ठंडी हवाएं प्रदूषकों के फैलाव में बाधा डाल रही हैं।
सरकार की अपील और सुझाव
CAQM ने दिल्ली-एनसीआर के निवासियों से अपील की है कि:
- जब तक आवश्यक न हो, घर से बाहर निकलने से बचें।
- कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें।
- प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों से बचें।
- वायु शुद्धिकरण उपकरणों का उपयोग करें।
क्या है समाधान?
विशेषज्ञों का मानना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए हरित ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना और पराली जलाने के विकल्प प्रदान करना अनिवार्य है। प्रशासन ने भी कहा है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो GRAP के चौथे चरण को लागू किया जा सकता है।
प्रदूषण का यह संकट दिल्ली और आसपास के लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सामूहिक प्रयास और सख्त नियमों का पालन ही इस समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है।