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दिल्ली प्रान्त संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समापन

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,9 जनवरी।
दिल्ली: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, दिल्ली प्रान्त द्वारा पिछले 15 दिन से चल रहे संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) का समापन कार्यक्रम बुधवार 8 जनवरी 2025 की शाम को महाशय चुन्नी लाल सरस्वती बाल मंदिर, हरि नगर, दिल्ली में आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र कार्यवाह श्री रोशन जी मुख्य वक्ता तथा लेखिका एवं स्तंभकार सुश्री अद्वैत काला जी मुख्य अतिथि थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तर क्षेत्र कार्यवाह श्री रोशन जी ने समाज परिवर्तन के पंच प्रयासों पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपनी भाषा-भूषा, भोजन-भजन एवं भ्रमण तथा भवन में भारतीयता का प्रकटन हो, इसका उन्होंने आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हमें अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करना चाहिए तथा एक आदर्श नागरिक के रूप में विवेकपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग करना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण के विषय में सम्बोधित करते हुए उन्होंने जल संरक्षण के महत्त्व तथा अपने दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए कहा।

कार्यक्रम को मुख्य अतिथि लेखिका एवं स्तंभकार सुश्री अद्वैत काला जी ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दिल्ली प्रान्त संघचालक डॉ. अनिल अग्रवाल जी एवं इस संघ शिक्षा वर्ग के सर्वाधिकारी श्री आनंद कुमार जी की उपस्थिति रही।
संघ का ध्येय भारत को परम वैभव पर ले जाना है। इस कार्य को करने की दृष्टि से सुयोग्य कार्यकर्ताओं के निर्माण हेतु संघ शिक्षा वर्गों का आयोजन किया जाता है।

इस वर्ष दिल्ली प्रांत का संघ शिक्षा वर्ग (सामान्य) महाशय चुन्नी लाल सरस्वती बाल मंदिर, हरि नगर, दिल्ली में 24 दिसम्बर से प्रारंभ हुआ जो गुरुवार 9 जनवरी 2025 को प्रातः संपन्न होगा।

इस संघ शिक्षा वर्ग में 18 से 40 वर्ष की आयु के कुल 133 शिक्षार्थी भाग ले रहे हैं, जिसमें दिल्ली से 131 शिक्षार्थी तथा अन्य प्रांत (कर्नाटक तथा आंध्र प्रदेश) से 2 शिक्षार्थी हैं। इन 133 शिक्षार्थियों में से 83 विद्यार्थी तथा 50 कर्मचारी एवं व्यवसायी हैं। इन 83 विद्यार्थियों में स्नातक से लेकर बी टेक, एम टेक एवं पीएचडी तक के विद्यार्थी हैं। 50 कर्मचारी एवं व्यवसायियों में प्राध्यापक, अध्यापक, सरकारी कर्मचारी एवं व्यवसायी शामिल हैं।

पंद्रह दिन तक चले इस वर्ग में शिक्षार्थियों को विभिन्न प्रकार के औपचारिक प्रशिक्षण दिए गए। शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाने हेतु प्रतिदिन सुबह शाम शारीरिक प्रशिक्षण हुआ। मानसिक एवं वैचारिक स्पष्टता हेतु प्रतिदिन 4 सत्रों का बौद्धिक प्रशिक्षण दिया गया। जीवन के प्रत्येक सेकंड का सदुपयोग एवं प्रत्येक वस्तु संसाधन का समुचित उपयोग का अभ्यास व्यवस्था विभाग के अंतर्गत दिया गया।

वर्ग में 24 घंटे की निश्चित दिनचर्या में जीवन जीते हुए अनेक औपचारिक प्रशिक्षण प्राप्त हुए। यहां कार्यकर्ताओं ने सामूहिक जीवन का प्रशिक्षण प्राप्त किया, अर्थात सबके साथ समरस होकर सबको सहयोग करते हुए तय व्यवस्था में अपने सभी काम पूर्ण करना। जैसे शिक्षार्थी अपने सभी निजी काम जैसे अपने बर्तन धोना, कपड़े धोना आदि स्वयं करते हैं। इसी प्रकार सामूहिक काम सभी मिल-बांटकर व्यवस्था बनाकर करते हैं, जैसे भोजन के समय एक समूह भोजन वितरित करता है जबकि शेष सब भोजन करते हैं।

इसके साथ ही शिक्षार्थियों में संवेदनशीलता एवं सेवाभाव की वृद्धि हेतु सेवा कार्य का प्रशिक्षण भी दिया गया।

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