Site icon Samagra Bharat News website

राष्ट्रीय सीनियर जूडो चैम्पियनशिप 2024-25: उत्कृष्टता और एकता का भव्य उत्सव

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,17 जनवरी।
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर जूडो चैम्पियनशिप (पुरुष और महिला) 2024-25 4 जनवरी से 7 जनवरी 2025 तक शानदार सफलता के साथ संपन्न हुई। जूडो फेडरेशन ऑफ इंडिया और दिल्ली स्टेट जूडो काउंसिल (DSJC) द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से आए शीर्ष जूडो खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता का भव्य आयोजन
इस भव्य आयोजन में देश के 28 राज्यों और 8 अर्धसैनिक बलों से कुल 500 से अधिक खिलाड़ी, 120 टीम अधिकारी, 60 तकनीकी कर्मचारी और 30 आयोजक शामिल हुए। यह आयोजन भारतीय जूडो खेल के विकास और खिलाड़ियों के कौशल प्रदर्शन का एक आदर्श मंच बना।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में कई गणमान्य अतिथियों ने अपनी उपस्थिति से आयोजन की गरिमा बढ़ाई। इनमें डॉ. संदीप मारवाह, डॉ. चंदना राउल (ओडिसी नृत्यांगना, अभिनेत्री और समाजसेवी), डॉ. सुमीत सुसिलन, श्री संजीव कपूर, श्री संजय साह, सुश्री वंदना सरदाना, श्री वीरेन्दर वशीत (महासचिव, DSJC) और श्री राजन वर्मा प्रमुख रहे।

खेल, संस्कृति और विकास पर जोर
डॉ. चंदना राउल ने अपने प्रेरणादायक भाषण में खेल, संस्कृति और व्यक्तिगत विकास के बीच गहरे संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को अपनाने और समग्र विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

प्रतियोगिता के विजेता

  • राजस्थान ने कुल मिलाकर चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया, जिसमें 2 स्वर्ण और 1 रजत पदक शामिल रहे।
  • दिल्ली ने महिलाओं की श्रेणी में शानदार प्रदर्शन किया। ओलंपिक जूडोका तुलिका मान ने स्वर्ण पदक जीतकर टीम को गौरवान्वित किया, जबकि टीम ने 2 कांस्य पदक भी हासिल किए।
  • हरियाणा ने पुरुषों की श्रेणी में दबदबा कायम रखते हुए 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीते।
  • उत्तराखंड ने 1 स्वर्ण, 1 रजत और 1 कांस्य पदक के साथ उपविजेता का स्थान हासिल किया।

खेल भावना और एकता का प्रतीक
यह चैम्पियनशिप न केवल खेल कौशल का प्रदर्शन थी, बल्कि जूडो, एकता और उत्कृष्टता का भव्य उत्सव भी साबित हुई। विभिन्न राज्यों और अर्धसैनिक बलों से आए खिलाड़ियों ने खेल भावना का परिचय देते हुए देशभर में जूडो खेल को और अधिक लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान दिया।

निष्कर्ष
राष्ट्रीय सीनियर जूडो चैम्पियनशिप 2024-25 ने भारतीय जूडो खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का कार्य किया। इस आयोजन ने साबित किया कि जब खेल और संस्कृति एक साथ आगे बढ़ते हैं, तो राष्ट्र का समग्र विकास निश्चित है। खिलाड़ियों की मेहनत, आयोजकों की प्रतिबद्धता और दर्शकों का उत्साह इस आयोजन की सफलता के महत्वपूर्ण स्तंभ बने।

Exit mobile version