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दिल्ली में बीजेपी की जीत का जश्न, आप कार्यालय में सन्नाटा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,8 फरवरी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को बहुमत मिलता देख पार्टी समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। बीजेपी कार्यालय के बाहर ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दे रही है, कार्यकर्ता जमकर नाच-गाने कर रहे हैं और पार्टी के झंडे लहरा रहे हैं। शुरुआती रुझानों के अनुसार, बीजेपी ने 40 से अधिक सीटों पर बढ़त बना ली है, जिससे कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी जोश देखा जा रहा है।

आप कार्यालय में पसरा सन्नाटा

वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यालय के बाहर माहौल बिल्कुल उलट है। चुनावी मंच तो तैयार है, लेकिन कुर्सियां खाली पड़ी हैं और कार्यकर्ताओं के चेहरे पर चिंता साफ झलक रही है। पार्टी नेताओं जैस्मिन शाह और अनुराग धान्धा ने स्वीकार किया कि यह चुनाव उनके लिए सबसे कठिन रहा। उन्होंने इसे न केवल दो बड़ी राजनीतिक पार्टियों से संघर्ष बताया, बल्कि एक “भ्रष्ट व्यवस्था” के खिलाफ लड़ाई भी करार दिया। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम नतीजे उनके पक्ष में आएंगे।

आप के लिए यह चुनाव बना बड़ी चुनौती

2013 में पहली बार दिल्ली की राजनीति में एंट्री करने वाली आम आदमी पार्टी ने 28 सीटें जीतकर धमाकेदार शुरुआत की थी। हालांकि, उस समय बनी सरकार महज 49 दिनों तक ही चली। 2015 में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 70 में से 67 सीटों पर कब्जा किया, जबकि 2020 में भी 62 सीटों के साथ सत्ता में वापसी की। लेकिन इस बार रुझान पार्टी के लिए निराशाजनक साबित हो रहे हैं।

आप के दिग्गज नेताओं की हार का खतरा

आप के कई बड़े नेता कड़ी चुनौती का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री अतिशी कालकाजी सीट से बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से पीछे चल रही हैं। वहीं, मनीष सिसोदिया जंगपुरा और सत्येंद्र जैन शकूर बस्ती सीट से पिछड़ते दिख रहे हैं। दूसरी ओर, बीजेपी के कैलाश गहलोत बिजवासन और गोपाल राय करावल नगर से आगे चल रहे हैं।

कांग्रेस का खाता अब तक नहीं खुला

सुबह 10:30 बजे तक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी 43 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है, जबकि आप 27 सीटों पर आगे है। कांग्रेस अभी भी अपना खाता खोलने में नाकाम रही है। अगर यही रुझान अंतिम नतीजों में बदलते हैं, तो यह दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होगा और लगभग एक दशक बाद बीजेपी की सत्ता में वापसी हो सकती है।

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