भक्ति में डूबी रही यात्रा, भजनों की गूंज से गूंजा माहौल
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी पत्नी के साथ महाकुंभ में श्रद्धा भाव से शामिल हुए। इस दौरान वे पूरी तरह से धार्मिक रंग में रंगे नजर आए। उनके साथ मौजूद कांग्रेस के सात विधायकों ने भी सियासी मतभेद भुलाकर पूरे सफर में भजनों का आनंद लिया और भक्ति भाव में डूबे दिखे। यात्रा के दौरान बस में बैठकर सभी विधायकों और मुख्यमंत्री ने मिलकर “राम नाम सत्य है” और “हर-हर गंगे” जैसे भजन गाए, जिससे माहौल संपूर्ण रूप से आध्यात्मिक हो गया।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों का एक साथ आना बना चर्चा का विषय
इस यात्रा में कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी ने सभी का ध्यान खींचा। आमतौर पर राजनीतिक मंचों पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करने वाले नेता इस यात्रा में एकजुट नजर आए। यह नज़ारा कहीं न कहीं यह दर्शाता है कि धर्म और आस्था की शक्ति राजनीति से ऊपर होती है।
एक वरिष्ठ कांग्रेस विधायक ने कहा, “हम यहां राजनीति करने नहीं, बल्कि आस्था के कारण आए हैं। कुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आध्यात्मिक शांति का संगम भी है।”
महाकुंभ में बढ़ता आस्था का कारवां
महाकुंभ में इस बार भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में राजनेता, संत-महात्मा और आम जनता इस दिव्य आयोजन में भाग ले रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने स्नान के बाद कहा, “यह मेरे लिए सौभाग्य की बात है कि मुझे इस पावन अवसर पर स्नान करने और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर मिला।”
उन्होंने आगे कहा कि सरकार राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को संस्कृति और आस्था से जोड़ने के लिए कई योजनाएं बना रही है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की महाकुंभ यात्रा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रही, बल्कि यह एक राजनीतिक सद्भाव का संदेश भी देती नजर आई। कांग्रेस विधायकों का उनके साथ शामिल होना यह दर्शाता है कि जब बात धर्म और आस्था की होती है, तो राजनीतिक मतभेद भी पीछे छूट जाते हैं। यह यात्रा छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक नई और सकारात्मक दिशा का संकेत दे सकती है।