समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,14 फरवरी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अब नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स चुकाने की प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी, जिससे वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी और ऑटोमेटिक पेमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा।
कैसे काम करेगा एआई आधारित टोल सिस्टम?
नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार हाईवे पर कैमरा और सेंसर आधारित एआई तकनीक लागू करने जा रही है, जो वाहनों की नंबर प्लेट को स्कैन कर ऑटोमैटिक टोल कटौती करेगा। इससे लोगों को टोल प्लाजा पर लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा और ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा, “अब टोल प्लाजा पर नकद या फास्टैग की झंझट खत्म होगी। एआई के जरिए वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर स्कैन होगा और टोल अपने आप कट जाएगा। यह सिस्टम हाईवे पर सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा।”
कब से लागू होगी नई व्यवस्था?
मंत्री गडकरी के अनुसार, इस नई टोल वसूली प्रणाली को जल्द ही पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कुछ चुनिंदा हाईवे पर लागू किया जाएगा। अगर यह सफल रहा, तो देशभर में इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
फास्टैग सिस्टम की भी होगी निगरानी
गडकरी ने यह भी कहा कि फास्टैग प्रणाली से भी एआई को जोड़ा जाएगा, जिससे यह पता लगाया जा सकेगा कि कोई वाहन बिना टोल चुकाए आगे बढ़ा है या नहीं। इससे टोल चोरी पर भी अंकुश लगेगा।
क्या होंगे फायदे?
इस एआई आधारित टोल प्रणाली से कई लाभ होंगे, जैसे:
- लंबी कतारों से मिलेगी राहत – वाहन चालकों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी।
- समय की बचत – ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा और ईंधन की खपत भी कम होगी।
- कैशलेस ट्रांजैक्शन – फास्टैग और डिजिटल भुगतान को और बढ़ावा मिलेगा।
- टोल चोरी पर रोक – सरकार को राजस्व में बढ़ोतरी होगी और टोल चोरी पर लगाम लगेगी।
निष्कर्ष
नितिन गडकरी की यह घोषणा देश के हाईवे नेटवर्क को और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। एआई आधारित टोल सिस्टम से यात्रा अधिक सुगम और तेज़ होगी। अगर यह योजना सफल होती है, तो भारत का हाईवे नेटवर्क दुनिया के सबसे अत्याधुनिक सड़क परिवहन प्रणालियों में शामिल हो जाएगा।