इस विशेष अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही, लेफ्टिनेंट जनरल एच. एस. लिड्डर और डॉ. विवेक कौल भी विशिष्ट अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय विरासत और सनातन दर्शन का उत्सव मनाना और उसे वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करना है।
समारोह की रूपरेखा
समय और स्थान: 16 फरवरी 2025, शाम 4 बजे, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली।
अतिथि गण:
मुख्य अतिथि: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) गुरमीत सिंह।
विशिष्ट अतिथि: मेजर जनरल डॉ. जी. डी. बख्शी, लेफ्टिनेंट जनरल एच. एस. लिड्डर, डॉ. विवेक कौल।
मुख्य कार्यक्रम:
- शुभारंभ: चाय-समारोह और आमंत्रित मेहमानों से संवाद।
- राष्ट्रीय गान और स्वागत संबोधन।
- पुस्तक विमोचन।
- छह प्रतिष्ठित सनातन विद्वानों का “शाश्वत अलंकार पुरस्कार” से सम्मान।
- तीन प्रमुख वक्तव्य और मुख्य भाषण।
- राज्यपाल का संबोधन।
- समापन और हाई-टी।
पुस्तकों की विशेषता
Beyond Fear: A Personal Journey to Soma – यह पुस्तक आत्मबोध, मानसिक शक्ति और आध्यात्मिकता पर आधारित है, जिसमें जनरल बख्शी ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों और भारतीय दार्शनिक परंपराओं को साझा किया है।
A History of Hinduism – यह ग्रंथ सनातन धर्म के इतिहास, इसकी उत्पत्ति, विकास और वैश्विक प्रभाव पर केंद्रित है। इसमें हिंदू परंपराओं, ग्रंथों और आधुनिक संदर्भों को विस्तार से समझाया गया है।
भारतीय विरासत को वैश्विक मंच पर बढ़ावा
इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय सभ्यता, संस्कृति और हिंदू दार्शनिक दृष्टिकोण को मान्यता देना है। इस अवसर पर छह प्रतिष्ठित विद्वानों को “शाश्वत अलंकार पुरस्कार” से सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने सनातन दर्शन और हिंदू अध्ययन में विशेष योगदान दिया है।
यह आयोजन हिंदू परंपराओं और भारतीय इतिहास पर गहन चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा, जिसमें प्रमुख विद्वान, सैन्य अधिकारी और विचारक शामिल होंगे।
निष्कर्ष
जनरल जी. डी. बख्शी की ये पुस्तकें न केवल हिंदू दर्शन और भारतीय विरासत को समझने का एक अनूठा माध्यम हैं, बल्कि यह सनातन परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने की दिशा में भी एक अहम कदम हैं। ग्लोबल सनातन एड द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास, संस्कृति और हिंदू दर्शन के प्रचार-प्रसार में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।