समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,17 फरवरी। मुंबई में New India Co-operative Bank में हुए ₹122 करोड़ के घोटाले को लेकर आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने अपनी जांच तेज कर दी है। इस सिलसिले में महाराष्ट्र में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पूछताछ जारी है।
ग्राहकों की जमा राशि पर RBI का आश्वासन
घोटाले को लेकर ग्राहकों के बीच चिंता बढ़ने लगी थी, जिसे देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी जमा राशि सुरक्षित है। RBI के अनुसार, डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (DICGC) योजना के तहत बैंक के 90% से अधिक ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह से बीमा सुरक्षा में आती है। इस योजना के तहत ₹5 लाख तक की जमा राशि सुरक्षित रहती है, जिससे अधिकांश ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है।
क्या है पूरा मामला?
New India Co-operative Bank में वित्तीय अनियमितताओं और कर्ज घोटाले के चलते बैंक को ₹122 करोड़ का नुकसान हुआ है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि बैंक अधिकारियों ने नियमों का उल्लंघन कर संदिग्ध कंपनियों और व्यक्तियों को लोन दिया, जो अब एनपीए (Non-Performing Asset) बन चुका है।
EOW की तेज हुई कार्रवाई
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बैंक के पूर्व महाप्रबंधक (GM) हितेश मेहता को हिरासत में लिया था, और अब महाराष्ट्र में एक अन्य व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं, क्योंकि जांच के दौरान बैंक से जुड़े कई अनियमित दस्तावेज सामने आए हैं।
ग्राहकों की चिंता और बैंकिंग प्रणाली पर असर
यह घोटाला सामने आने के बाद बैंक के खाताधारकों में चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन RBI के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है। RBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह बैंक की वित्तीय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जा सकते हैं।
आगे की राह
EOW अब यह जांच कर रही है कि घोटाले में और कौन-कौन शामिल हैं और क्या अन्य बैंक अधिकारियों ने भी इस अनियमितता में भूमिका निभाई थी। साथ ही, सरकार और नियामक एजेंसियों से यह उम्मीद की जा रही है कि वे इस मामले में कठोर कदम उठाकर दोषियों को सजा दिलाएँ और बैंकिंग प्रणाली में जनता का विश्वास बनाए रखें।

