समग्र समाचार सेवा
पटना,27 फरवरी। बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज़ हैं, लेकिन जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) के किसी नए नेता के मंत्री बनने की संभावना बेहद कम नज़र आ रही है। सूत्रों के अनुसार, जेडीयू का कोटा पहले से ही भरा हुआ है, जिससे पार्टी के किसी नए चेहरे को मौका मिलने की उम्मीद नहीं दिख रही।
बीजेपी के खाते में मिल सकते हैं नए मंत्री
जहां बीजेपी अपने कुछ पुराने चेहरों को दोबारा मंत्री बनाने की तैयारी कर रही है, वहीं जेडीयू के लिए कोई नया स्थान खाली नहीं है। गठबंधन के तहत मंत्रिमंडल में सीटों का बंटवारा पहले से तय है, और जेडीयू का कोटा पहले ही फुल हो चुका है। इस कारण नीतीश कुमार की पार्टी के किसी नेता को इस बार मंत्री पद मिलने की संभावना नहीं है।
जेडीयू नेताओं की उम्मीदें हुईं धूमिल
जेडीयू के कई वरिष्ठ और युवा नेता मंत्रिमंडल में जगह बनाने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन पार्टी के कोटे में कोई नई जगह नहीं होने के चलते उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है। इसके चलते पार्टी के अंदर भी हलचल मची हुई है।
गठबंधन की मजबूरियां और संतुलन साधने की कोशिश
नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी के बीच गठबंधन की शर्तों के अनुसार, दोनों पार्टियों के बीच मंत्री पदों का संतुलन पहले ही तय हो चुका है। जेडीयू का कहना है कि अगर गठबंधन में कोई नया समीकरण बनता है, तभी कोई बदलाव संभव होगा।
बिहार की राजनीति में नए समीकरण की आहट?
विश्लेषकों का मानना है कि अगर भविष्य में कोई बड़ा राजनीतिक फेरबदल होता है तो जेडीयू को नए मंत्री पद मिलने का अवसर मिल सकता है। फिलहाल, इस मंत्रिमंडल विस्तार में जेडीयू के लिए कोई जगह नहीं दिख रही।
निष्कर्ष
बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी के कुछ पुराने नेताओं की वापसी की चर्चा है, लेकिन जेडीयू को नए मंत्री पद मिलने की संभावना नहीं है। पार्टी का कोटा पहले से ही पूरा होने के चलते नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जेडीयू के नेताओं को इस बार इंतजार करना पड़ सकता है।