ग्रीन एनर्जी को प्राथमिकता
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सतत विकास के प्रति प्रतिबद्ध है और ग्रीन एनर्जी इसमें अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा, “असम स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक बुनियादी ढांचे और निवेशक-अनुकूल नीतियों के माध्यम से एक बड़ा औद्योगिक कदम उठाने के लिए तैयार है।”
असम की रणनीतिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी और चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्य इसे निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाते हैं। एडवांटेज असम 2.0 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा, जैव प्रौद्योगिकी और आईटी-सक्षम सेवाओं जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार निवेशकों को भूमि बैंक, कर लाभ और सरल अनुमोदन प्रक्रियाओं जैसी सुविधाएं प्रदान करेगी।
रोजगार सृजन पर जोर
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य के सामने दूसरा बड़ा लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाना है। उन्होंने कहा, “व्यापार प्रक्रिया आउटसोर्सिंग (बीपीओ) और आईटी कंपनियों को असम में आमंत्रित किया जा रहा है ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न किए जा सकें।” इसके साथ ही, सरकार कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू करेगी, जिससे युवा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित हो सकें।
पूर्वोत्तर का औद्योगिक और हरित ऊर्जा केंद्र बनेगा असम
इस योजना के तहत, राज्य सरकार असम को पूर्वोत्तर का प्रमुख निवेश केंद्र बनाने और हरित विकास को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है। सरकार घरेलू और वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने के लिए व्यापार सम्मेलनों और निवेशक बैठकों का आयोजन करेगी।
एडवांटेज असम 2.0 के माध्यम से राज्य में आर्थिक संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे और असम को हरित एवं औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।