Site icon Samagra Bharat News website

मोदी सरकार ने दी “UMEED” वक्फ संशोधन विधेयक 2024 को मंजूरी, पारदर्शिता और सशक्तिकरण की ओर बड़ा कदम

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 मार्च।
मोदी सरकार ने “वक्फ संशोधन विधेयक, 2024” को मंजूरी दे दी है, जिसे अब “एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तिकरण, दक्षता और विकास (UMEED) विधेयक” के नाम से जाना जाएगा। यह विधेयक संवैधानिक पारदर्शिता और प्रभावी प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है। इसमें संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की सिफारिशों के आधार पर कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।

विधेयक के प्रमुख बिंदु

1. महिला सशक्तिकरण

इस विधेयक के तहत राज्य वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में दो मुस्लिम महिलाओं को सदस्य के रूप में शामिल करने का प्रावधान रखा गया है। इससे महिलाओं की भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका बढ़ेगी।

2. ओबीसी समुदाय का प्रतिनिधित्व

अब राज्य वक्फ बोर्ड में एक मुस्लिम ओबीसी प्रतिनिधि को शामिल किया जाएगा, जिससे ओबीसी समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित होगी और उनकी आवाज को भी महत्व मिलेगा।

3. अलग वक्फ बोर्ड की स्थापना

सरकार आगा खानी और बोहरा समुदायों के लिए अलग वक्फ बोर्ड बनाने पर विचार कर सकती है, जिससे इन समुदायों की संपत्तियों का प्रबंधन अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।

4. महिलाओं के उत्तराधिकार का अधिकार

वक्फ अलल औलाद (पारिवारिक वक्फ) के तहत अब कोई भी वक्फ तभी बनाया जा सकेगा जब महिला वारिसों को उनका उचित अधिकार दिया जाएगा। इससे मुस्लिम महिलाओं के संपत्ति अधिकारों की रक्षा होगी।

5. सरकारी संपत्तियों पर दावे की प्रक्रिया

यदि किसी सरकारी संपत्ति को वक्फ घोषित किया जाता है, तो राज्य सरकार द्वारा नियुक्त एक वरिष्ठ अधिकारी इसकी जांच करेगा। जब तक रिपोर्ट पूरी नहीं होगी, संपत्ति को वक्फ नहीं माना जाएगा।

6. विवादित संपत्तियों का समाधान

जिन वक्फ संपत्तियों पर कानूनी विवाद चल रहा है या जो सरकारी स्वामित्व में हैं, उन्हें वक्फ द्वारा उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इससे संपत्ति विवादों और अवैध कब्जों पर रोक लगेगी

7. ऑनलाइन पंजीकरण और पारदर्शिता

वक्फ संपत्तियों की पूरी जानकारी अब एक केंद्रीय पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

8. वक्फ ट्रस्ट और ट्रस्ट लॉ

जो मुस्लिम ट्रस्ट वक्फ की तरह कार्य कर रहे हैं, लेकिन ट्रस्ट कानूनों के तहत आते हैं, उन्हें वक्फ अधिनियम के दायरे से बाहर रखा जाएगा।

9. ट्रिब्यूनल के फैसलों की अपील का अधिकार

अब वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को 90 दिनों के भीतर हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकेगी। इससे कानूनी पारदर्शिता और न्यायिक समीक्षा की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।

10. वक्फ संपत्तियों की आय का उपयोग

वक्फ अलल औलाद से प्राप्त धन का उपयोग अब विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और अनाथों की सहायता के लिए किया जा सकेगा। इससे समाज के कमजोर वर्गों को आर्थिक सहारा मिलेगा।

विपक्ष की आपत्तियां और सरकार का रुख

इस विधेयक को लेकर विपक्ष ने कई आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन विपक्षी सांसदों द्वारा प्रस्तावित संशोधनों को खारिज कर दिया गया। इसके विपरीत, बीजेपी और एनडीए के सांसदों द्वारा सुझाए गए संशोधन विधेयक में शामिल किए गए

कैबिनेट की मंजूरी और आगे की प्रक्रिया

इससे पहले, 13 फरवरी को वक्फ विधेयक पर संसदीय समिति की रिपोर्ट संसद में पेश की गई थी। रिपोर्ट के आधार पर विधेयक का नया मसौदा तैयार किया गया और अब मोदी कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी है। इसे बजट सत्र के दूसरे हिस्से में संसद में पेश किया जा सकता है

निष्कर्ष

“UMEED” वक्फ संशोधन विधेयक 2024 एक महत्वपूर्ण कानूनी सुधार है, जो पारदर्शिता, सशक्तिकरण और कुशल प्रबंधन को बढ़ावा देगा। सरकार ने महिला सशक्तिकरण, ओबीसी समुदाय के प्रतिनिधित्व और संपत्ति विवादों के समाधान पर विशेष ध्यान दिया है। यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के विकास और देश में सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है

Exit mobile version