समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,1 अप्रैल। दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज एक और नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) रिपोर्ट सदन में पेश की जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता इस रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखेंगी। यह रिपोर्ट राजधानी में वाहनों से होने वाले प्रदूषण की रोकथाम और इस संबंध में पिछली सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की समीक्षा पर केंद्रित होगी।
बजट सत्र के तहत विधानसभा की कार्यवाही आज दोपहर 2 बजे शुरू होगी। इस दौरान CAG रिपोर्ट को पेश किया जाएगा, जिसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि पिछली सरकार ने दिल्ली में वाहन प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या कदम उठाए और वे कितने प्रभावी रहे। रिपोर्ट में यह भी देखा जाएगा कि क्या योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रहीं या फिर उनका जमीन पर सही क्रियान्वयन हुआ।
दिल्ली में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनी हुई है, जिसमें वाहनों से निकलने वाले धुएं का योगदान प्रमुख है। इस रिपोर्ट में इस बात की जांच की जाएगी कि क्या सरकार ने प्रदूषण कम करने के लिए स्क्रैप पॉलिसी, इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रोत्साहन और सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने जैसे उपायों पर सही तरीके से काम किया या नहीं।
CAG रिपोर्ट में अगर अनियमितताओं या नीतियों के असफल होने की बात सामने आती है, तो पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठ सकते हैं। संभावना है कि इस मुद्दे को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिले। विपक्षी दल भी इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकते हैं।
रिपोर्ट पेश होने के बाद सरकार इस पर चर्चा करेगी और यदि जरूरत पड़ी तो प्रदूषण नियंत्रण के लिए नई रणनीति बनाई जा सकती है। साथ ही, पिछली योजनाओं की विफलता सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों और नीतियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।
दिल्लीवासियों के लिए यह रिपोर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि इसका सीधा संबंध उनकी स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा से है। सदन की कार्यवाही में उठाए गए मुद्दे यह तय करेंगे कि आने वाले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर सरकार कितनी गंभीरता से काम करेगी।