बीजेपी के मुख्य व्हिप डॉ. संजय जायसवाल ने इस संबंध में सांसदों को पत्र जारी किया है।
पत्र में लिखा गया है,
“सभी भाजपा लोकसभा सांसदों को सूचित किया जाता है कि बुधवार, 2 अप्रैल 2025 को लोकसभा में महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तुत किया जाएगा। सांसदों से अनुरोध किया जाता है कि वे 2 अप्रैल को पूरे सत्र के दौरान सदन में उपस्थित रहें और सरकार के रुख का समर्थन करें।”
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया कि व्हिप का पालन अनिवार्य है, और यदि कोई सांसद इसका उल्लंघन करता है तो उसे पार्टी की ओर से कारण बताओ नोटिस सहित गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
वक़्फ़ विधेयक पर सदन में 8 घंटे की चर्चा होगी। इसके बाद, अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री किरेन रिजिजू सदन में जवाब देंगे और विधेयक को पारित कराने की मंजूरी मांगेंगे। इस चर्चा का कार्यक्रम लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में तय किया गया।
पिछले वर्ष जब यह विधेयक पहली बार पेश किया गया था, तब सरकार ने इसे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति के पास भेजने का प्रस्ताव दिया था। समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत होने के बाद, कैबिनेट ने उसकी सिफारिशों के आधार पर मूल विधेयक में कुछ संशोधन किए, जिन्हें अब लोकसभा में पेश किया जाएगा।
बीएसी की बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने विधेयक पर 12 घंटे की चर्चा की मांग की, जबकि सरकार ने इसे कम समय में पूरा करने पर जोर दिया ताकि अन्य विधायी कार्य भी निपटाए जा सकें। इसको लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।