समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,3 अप्रैल। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नए डिप्टी गवर्नर के रूप में पूनम गुप्ता की नियुक्ति की गई है। उनकी यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब आगामी मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 7-9 अप्रैल, 2025 को होने जा रही है। पूनम गुप्ता ने माइकल पात्रा का स्थान लिया है, जो जनवरी 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे।
पूनम गुप्ता वर्तमान में नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की डायरेक्टर जनरल हैं। इसके अलावा, वे प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य भी हैं। इससे पहले वे अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम (IFC) में ग्लोबल मैक्रो और मार्केट रिसर्च की लीड इकोनॉमिस्ट रही हैं।
उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में शोधकर्ता के रूप में भी काम किया है और भारतीय अनुसंधान परिषद (ICRIER) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में प्रोफेसर रह चुकी हैं। वर्तमान में वे 16वें वित्त आयोग की सलाहकार परिषद की सदस्य हैं।
-
पीएच.डी. (अर्थशास्त्र) – यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क (1998)
विशेषज्ञता: मैक्रोइकॉनॉमिक्स, अंतर्राष्ट्रीय वित्त और व्यापार
-
एम.ए. (अर्थशास्त्र) – यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड, कॉलेज पार्क (1995)
-
एम.ए. (अर्थशास्त्र) – दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (1991)
-
बी.ए. (अर्थशास्त्र) – हिंदू कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय (1989)
उनकी विद्वता और आर्थिक नीतियों पर गहरी समझ को देखते हुए, 1998 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र में उनके शोध के लिए EXIM बैंक अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
पूनम गुप्ता के पास अंतरराष्ट्रीय वित्त, व्यापार और आर्थिक नीति का व्यापक अनुभव है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक और घरेलू चुनौतियों से जूझ रही है। डिप्टी गवर्नर के रूप में, वे मौद्रिक नीति, बैंकिंग विनियमन और वित्तीय स्थिरता से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में अहम भूमिका निभाएंगी।
उनकी विशेषज्ञता RBI की आगामी मौद्रिक नीति और भारत की आर्थिक नीतियों को एक नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में कैसे योगदान देती हैं।