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मेघालय की सुंदरता, प्रकृति और गर्मजोशी से मंत्रमुग्ध हुए सचिन तेंदुलकर क्रिकेट लीजेंड के दौरे से उत्साह और गर्व की लहर में डूबा मेघालय

समग्र समाचार सेवा
शिलॉन्ग,9 अप्रैल।
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इन दिनों अपने परिवार और करीबी दोस्तों के साथ एक निजी यात्रा पर मेघालय की खूबसूरती और गर्मजोशी का आनंद ले रहे हैं। सचिन, अपनी पत्नी अंजली और बेटी सारा के साथ गुरुवार को इस हिल स्टेट में पहुंचे थे और तब से वे राज्य के कई प्रमुख दर्शनीय स्थलों की यात्रा कर चुके हैं।

सोहरा (चेरापूंजी) — जो पृथ्वी पर सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान है — से लेकर मावल्यन्नोंग गांव — जिसे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव माना जाता है — तक, तेंदुलकर के इस दौरे में प्रकृति की सैर, सांस्कृतिक अनुभव और मेघालयी व्यंजनों का स्वाद सब कुछ शामिल रहा। उनके आगमन से स्थानीय प्रशंसकों और निवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला, विशेषकर किशोरों में जो अपने आदर्श की एक झलक पाने के लिए जगह-जगह दिखाई दिए।

इस यात्रा का एक अहम आकर्षण रहा नोहवेट गांव में स्थित ‘लिविंग रूट ब्रिज’ की उनकी यात्रा। यह सेतु खासी समुदाय की पारंपरिक इंजीनियरिंग और पर्यावरण-मित्र जीवनशैली का अद्भुत उदाहरण है। बताया गया कि तेंदुलकर इस प्राकृतिक पुल की सुंदर बनावट और उसके चारों ओर की हरियाली से बेहद प्रभावित हुए।

उन्होंने मेघालय के समृद्ध खानपान का भी खूब आनंद लिया। शिलॉन्ग मैरियट होटल में, उनके सम्मान में विशेष रूप से तैयार किया गया गारो व्यंजन उन्हें परोसा गया, जिसे मास्टरशेफ इंडिया फाइनलिस्ट नाम्बी मराक ने तैयार किया।
नाम्बी ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया –
“यह एक सपने जैसा अनुभव था। एक दिग्गज के लिए खाना बनाना और उनसे मिलना बेहद खास था। वे बेहद विनम्र, गर्मजोश और सादगी से भरे थे। उन्होंने मुझे सेल्फी बेहतर तरीके से लेना भी सिखाया!”

सचिन और उनके परिवार ने उमियम झील के किनारे एक निजी पिकनिक का भी आनंद लिया। यह झील अपनी शानदार प्राकृतिक छटा और शांत जलराशि के लिए प्रसिद्ध है। परिवार ने पर्वतीय इलाके में स्थित एक शांत, एकांत रिसॉर्ट में डेरा डाला, जहाँ उन्हें पूरी निजता और सुकून मिला।

सूत्रों के अनुसार, सचिन तेंदुलकर अपनी यात्रा के दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा के साथ हाई टी में मुलाकात भी करेंगे। इसके बाद वे अपनी यात्रा के शेष हिस्से के लिए असम के काजीरंगा नेशनल पार्क की ओर रवाना होंगे।

वे 9 अप्रैल को मुंबई लौटने वाले हैं।

तेंदुलकर की यह यात्रा न केवल मेघालय के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक समृद्धि को भी राष्ट्रीय मंच पर उजागर करती है।

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