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गुरुग्राम अस्पताल यौन उत्पीड़न मामला: इलाज की आड़ में हैवानियत, पुलिस ने 4 दिन में धर दबोचा आरोपी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,21 अप्रैल।
हरियाणा के गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने इलाज के नाम पर भरोसे को गहरा झटका दिया है। एक निजी अस्पताल में भर्ती महिला मरीज के साथ कथित रूप से यौन उत्पीड़न की वारदात ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस सनसनीखेज मामले में गुरुग्राम पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए आरोपी को महज चार दिन में गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता ने 14 अप्रैल को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि इलाज के दौरान अस्पताल में उसके साथ शारीरिक दुर्व्यवहार हुआ। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामला दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।

एसआईटी ने जांच की दिशा में कोई कोताही नहीं बरती। टीम ने अस्पताल के कोने-कोने में लगे करीब 800 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाली और स्टाफ के हर सदस्य से पूछताछ की। कड़ी छानबीन के बाद आरोपी की पहचान 25 वर्षीय दीपक के रूप में हुई, जो बीते पांच महीनों से उसी अस्पताल में मशीन टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत था।

पुलिस ने 18 अप्रैल को दीपक को गिरफ्तार कर लिया और अब उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह उसकी पहली घटना थी या वह पहले भी इसी तरह की हरकतों में शामिल रहा है।

इस भयावह घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य संस्थानों में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इलाज के लिए अस्पताल पहुंची महिला के साथ इस तरह की हैवानियत समाज के लिए शर्मनाक है। जहां एक ओर पीड़िता और उसके परिजनों के लिए यह अनुभव एक सदमे से कम नहीं, वहीं दूसरी ओर पुलिस की तेज़ और तकनीकी रूप से मजबूत कार्रवाई ने न्याय की उम्मीद को नया जीवन दिया है।

गुरुग्राम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। एसआईटी जांच को मुकाम तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ पॉक्सो और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

यह घटना न केवल इंसानी संवेदना को झकझोरती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून के हाथ अब पहले से ज्यादा तेज़ और तकनीक-सक्षम हो चुके हैं। अब देखना यह है कि क्या इस मामले में पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल पाता है या नहीं।

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