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दक्षिण कोरिया में सत्ता का भूचाल! यून सुक येओल के बाद अब कार्यवाहक राष्ट्रपति ने भी दिया इस्तीफा, देश में मचा हड़कंप

1 मई 2025 | सियोल : दक्षिण कोरिया की राजनीति में एक और बड़ा धमाका! पहले राष्ट्रपति यून सुक येओल का चौंकाने वाला इस्तीफा और अब उनके उत्तराधिकारी कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद से हट जाना — यह सब कुछ इतना तेजी से हुआ कि पूरा देश स्तब्ध रह गया है। कोरियाई राजधानी सियोल से लेकर अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक गलियारों तक हलचल मच गई है।

सूत्रों के मुताबिक, कार्यवाहक राष्ट्रपति ने अचानक पद छोड़ने का फैसला लिया, जिससे सरकार का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। हालांकि उनके इस्तीफे के कारणों पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि उन पर दबाव, विरोध और प्रशासनिक अस्थिरता जैसे कारकों ने यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया।

यून सुक येओल ने हाल ही में एक विवादित नीति पर जनविरोध के बीच इस्तीफा दिया था, और तब से ही देश में राजनीतिक उथल-पुथल जारी है। उन्होंने अपने फैसले को “राष्ट्रीय हित में” बताया था, लेकिन आलोचकों का कहना है कि उनकी नीतियों ने देश को गहरे संकट में धकेल दिया।

अब कार्यवाहक राष्ट्रपति के हटने के बाद कोरियाई संसद में सत्ता का पूरा संतुलन डगमगा गया है। विपक्षी दल पहले ही चुनाव की मांग कर रहे थे, और अब यह मांग और तेज हो गई है। जनता भी सड़कों पर उतर आई है, पोस्टरों और नारों के साथ राष्ट्रपति कार्यालय का घेराव कर रही है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, दक्षिण कोरिया एक संवैधानिक संकट की ओर बढ़ रहा है। यदि जल्द कोई स्थायी नेतृत्व सामने नहीं आता, तो देश में राष्ट्रपति चुनाव से पहले आपातकालीन प्रशासन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी दक्षिण कोरिया की स्थिति पर नजरें टिकाए हुए हैं, और बाजार में गिरावट के संकेत मिलने लगे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या दक्षिण कोरिया का लोकतंत्र इस दोहरे इस्तीफे के झटके को सह पाएगा? क्या देश स्थिर सरकार की ओर बढ़ेगा या अराजकता का नया दौर देखने को मिलेगा?

फिलहाल, कोरिया का भविष्य अधर में है — और पूरी दुनिया सांस रोककर इसकी अगली राजनीतिक चाल का इंतजार कर रही है।

क्या दक्षिण कोरिया खुद को इस संकट से उबार पाएगा? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

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