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ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की दो महिला अफसरों ने की ऐतिहासिक प्रेस ब्रीफिंग, 24 मिसाइल हमलों से तबाह हुए पाक के आतंकी ठिकाने

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,7 मई ।
भारत ने आतंक के खिलाफ अपने सबसे निर्णायक सैन्य अभियान — ऑपरेशन सिंदूर — के तहत पाकिस्तान और पीओके के आतंकी अड्डों पर जबरदस्त मिसाइल हमला किया। लेकिन इस बार सिर्फ मिसाइलें नहीं गिरीं, इतिहास भी बना! पहली बार, भारतीय वायुसेना की विंग कमांडर व्योमिका सिंह और भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी ने मिलकर इस अभूतपूर्व ऑपरेशन की सरकारी ब्रीफिंग दी — और यह भारत की सैन्य शक्ति के साथ महिला नेतृत्व के उभार का प्रतीक बन गई।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने ब्रीफिंग में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की योजना 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बनी थी, जिसमें 26 नागरिकों और जवानों की जान गई थी। 6 मई की रात 1:05 बजे शुरू हुए इस ऑपरेशन में कुल 24 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें SCALP, HAMMER बम, और स्टैंड-ऑफ प्रिसिशन म्यूनिशन शामिल थे। महज 25 मिनट में मुज़फ़्फराबाद, कोटली, बहावलपुर, नीलम घाटी, चक्सवारी, झेलम, भिंबर, रावलाकोट और चकवा जैसे बड़े आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया गया।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन हमलों में 70 आतंकियों की मौत और 60 के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने भावुक होते हुए कहा,

“ऑपरेशन सिंदूर का नाम उन वीरांगनाओं को समर्पित है, जिनके सुहाग इस आतंकवाद की भेंट चढ़ गए। यह उनकी आस्था, सहनशीलता और बलिदान को सलामी है।”

सोफिया कुरैशी, जो पहले भी अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुकी हैं, ने साफ किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल आतंक के खिलाफ था — किसी पाकिस्तानी सैन्य ठिकाने को नहीं छुआ गया।

विंग कमांडर व्योमिका सिंह — जो जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर में हाई-ऑल्टिट्यूड मिशनों की विशेषज्ञ हैं — ने प्रेस को बताया:

“भारत ने अब तक संयम बरता है। लेकिन अगर पाकिस्तान ने कोई उकसाव भरी कार्रवाई की, तो हमारी सेनाएं तैयार हैं — निर्णायक और सटीक जवाब के लिए।”

उनका आत्मविश्वास और स्पष्ट संदेश पाकिस्तान के लिए किसी चेतावनी से कम नहीं था।

सरकार की ओर से दो महिला अफसरों को इस हाई-प्रोफाइल सैन्य ऑपरेशन की ब्रीफिंग के लिए चुनना सिर्फ एक जनसंपर्क अभियान नहीं था — यह बदलते भारत की तस्वीर थी। एक ऐसा भारत जो महिला नेतृत्व को सिर्फ स्वीकार ही नहीं करता, बल्कि रणनीति और शक्ति का प्रतीक भी मानता है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने सीमाओं पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें भारत के पूंछ सेक्टर में दो मासूम बच्चे — 12 वर्षीय लड़की और 10 वर्षीय लड़का — मारे गए। लेकिन कुछ घंटों बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नरमी का संकेत देते हुए कहा कि “अगर भारत नरम रुख अपनाए, तो हम भी तनाव कम करने को तैयार हैं।”

ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ आतंकी अड्डों पर हमला नहीं था — यह एक रणनीतिक संदेश था। यह संदेश कि भारत अब आतंकवाद को सिर्फ सहन नहीं करेगा, बल्कि उसकी जड़ तक जाएगा। और यह भी कि भारत की सेनाएं अब सिर्फ पुरुषों की बपौती नहीं रहीं — अब महिला अफसर मोर्चे पर भी हैं, और माइक्रोफोन पर भी।

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