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लाहौर में जोरदार धमाकों से दहशत, भारत के “ऑपरेशन सिंदूर” के अगले ही दिन मचा हड़कंप

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,8 मई ।
लाहौर में गुरुवार सुबह एक के बाद एक हुए जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को दहशत में डाल दिया। गोपाल नगर और नसीराबाद इलाकों में अचानक उठते धुएं के गुबार और सायरनों की आवाज़ों ने आम लोगों की नींद उड़ा दी। लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की तलाश में भागते दिखे। यह सनसनीखेज घटना भारत द्वारा “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई के ठीक अगले दिन हुई है।

स्थानीय मीडिया और चश्मदीदों के अनुसार धमाके लाहौर के व्यस्ततम क्षेत्रों के पास हुए — जहां से वॉल्टन एयरपोर्ट, लाहौर छावनी और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट भी कुछ ही दूरी पर हैं। शुरुआती रिपोर्टों में यह आशंका जताई जा रही है कि यह विस्फोट एक ड्रोन के माध्यम से हुआ, जिसकी लंबाई लगभग 5-6 फीट बताई जा रही है। सुरक्षा बलों ने दावा किया है कि ड्रोन को जैमिंग सिस्टम से निष्क्रिय किया गया।

हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने या नागरिक परिसरों को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लाहौर और सियालकोट एयरपोर्ट्स से उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया है।

इससे एक दिन पहले भारत ने “ऑपरेशन सिंदूर” के तहत पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नौ ठिकानों पर भीषण कार्रवाई की थी। इस संयुक्त ऑपरेशन में भारतीय वायुसेना के राफेल विमानों से एयर-टू-सर्फेस मिसाइलें दागी गईं, वहीं भारतीय सेना ने सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया।

भारतीय सूत्रों के अनुसार इस सटीक और योजनाबद्ध ऑपरेशन में लगभग 80-90 आतंकियों को पाकिस्तान और पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में मार गिराया गया। भारत सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई केवल आतंकियों के खिलाफ थी और पाकिस्तानी सेना या नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया।

हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस ऑपरेशन को “युद्ध की घोषणा” करार दिया है। उन्होंने दावा किया है कि भारतीय हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत कई निर्दोष नागरिक मारे गए हैं, जबकि भारत ने सैटेलाइट इमेज और वीडियोज के ज़रिए आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने के साक्ष्य पेश किए हैं।

इसी के जवाब में पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (LoC) पर राजौरी-पुंछ सेक्टर में नागरिक आबादी पर गोले बरसाए, जिसमें अब तक 15 निर्दोष लोगों की मौत की खबर है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर भारत-पाक के बीच तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है।

अब सवाल उठता है — क्या यह केवल बदले की कार्रवाई है, या भारत और पाकिस्तान एक और खतरनाक मोड़ की ओर बढ़ रहे हैं? आने वाले कुछ दिन उपमहाद्वीप की शांति और स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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