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मध्य प्रदेश हाई अलर्ट पर: पुलिस की छुट्टियाँ रद्द, सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,9 मई । भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य भर में सुरक्षा इंतजामों को कड़ा करते हुए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं। यह कदम ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खतरे को देखते हुए उठाया गया है।

मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) द्वारा जारी एक सर्कुलर में कहा गया है कि सभी स्वीकृत और लंबित पुलिस छुट्टियाँ तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। सभी जिला पुलिस अधीक्षकों (SPs) को किसी भी आपात स्थिति के लिए उच्च स्तर की तत्परता बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने आज शाम SPs के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया है, जिसमें आंतरिक सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा और रणनीतिक निर्देश जारी किए जाएंगे।

इंदौर में अधिकारियों ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने सभी प्रकार की सार्वजनिक सभाओं – धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक – पर बिना अनुमति के पाबंदी लगा दी है। इस आदेश में सार्वजनिक और निजी आयोजनों, जैसे शादी और जुलूसों में हथियार, गोला-बारूद या कोई भी खतरनाक सामग्री लाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 4 जुलाई तक प्रभावी रहेगा, और जिला स्तर पर गश्त बढ़ा दी गई है।

पाकिस्तान से जुड़े तत्वों द्वारा फैलाए जा रहे झूठे प्रचार के खिलाफ साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफार्मों की निगरानी तेज कर दी है। खासकर पाकिस्तान द्वारा की गई विफल हवाई हमलों और भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाइयों के बाद गलत जानकारियों का फैलाव हो रहा है।

मध्य प्रदेश में उठाए गए सुरक्षा कदमों के समान ही, पंजाब और हरियाणा जैसे अन्य राज्यों में भी पुलिस छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं। सीमा पर स्थित राज्यों को पाकिस्तान से बढ़ते खतरे के मद्देनजर हाई अलर्ट पर रखा गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने अपनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संभव कदम उठाए हैं। पुलिस की छुट्टियाँ रद्द करने और सार्वजनिक सभाओं पर पाबंदी से यह स्पष्ट होता है कि राज्य प्रशासन पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ पूरी तरह तैयार है। साथ ही, देशभर में साइबर निगरानी और सुरक्षा कदमों को बढ़ा दिया गया है, ताकि समाज में अफवाहों और गलत जानकारियों का प्रसार न हो।

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