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“देश में रहकर पाकिस्तान से हमदर्दी? विशाल ददलानी की स्टोरी ने खोला ग़म और गुस्से का ज़ख्म!”

समग्र समाचार सेवा

मुंबई, 12 मई –बॉलीवुड के चर्चित सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर विशाल ददलानी एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। इस बार मामला सिर्फ बोलने या गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि सीधे भारत और पाकिस्तान के झंडों से जुड़ा है। हाल ही में ददलानी ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट डाली जिसमें “Say No to War” के संदेश के साथ भारत और पाकिस्तान दोनों के झंडे प्रदर्शित किए गए। यही नहीं, उन्होंने लिखा कि “जंग इंसानियत से बड़ी नहीं हो सकती, हमें प्यार और डिप्लोमेसी की ज़रूरत है”।

लेकिन यह पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले जम्मू-कश्मीर में 26 निर्दोषों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। आतंकियों ने न सिर्फ आम नागरिकों को गोलियों से भून दिया, बल्कि एक नेपाली नागरिक को भी मौत के घाट उतार दिया।

अब सवाल ये उठता है कि जब हमारे 26 परिवारों की ज़िंदगी उजड़ गई, तब विशाल ददलानी ने ‘Say No to Terrorism’ की कोई पोस्ट क्यों नहीं लगाई? तब उन्होंने पाकिस्तान के झंडे को स्टोरी में शामिल कर मानवता की दुहाई क्यों नहीं दी?

देश के कई नागरिकों और पूर्व सैनिकों ने सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। लोगों ने पूछा है कि जब भारत की सेना ने पाकिस्तान के आतंकी अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकी मसूद अजहर के परिवार तक को निशाना बनाया, तब क्या ये प्यार और डिप्लोमेसी नहीं थी?

विशाल ददलानी के खिलाफ यह आरोप भी लग रहे हैं कि वह अपने स्टेटस से सीजफायर और डिप्लोमैसी के नाम पर पाकिस्तान के साथ सहानुभूति जता रहे हैं, जो शहीदों और उनके परिवारों का अपमान है।

जनता ने यह भी सवाल उठाया है कि अगर कोई कलाकार इस देश में रहकर शत्रु राष्ट्र का झंडा दिखा रहा है और उसे ‘पसंद’ कर रहा है, तो क्या उसे भारत में रहने का नैतिक अधिकार है?

सोशल मीडिया पर अब #BoycottVishalDadlani ट्रेंड कर रहा है, और लोग उनसे सार्वजनिक माफी की मांग कर रहे हैं।

विशेष टिप्पणी:
“आज़ादी अभिव्यक्ति की हो सकती है, लेकिन जब बात देश की अस्मिता और शहीदों के सम्मान की हो, तो हर शब्द और हर पोस्ट का मूल्यांकन ज़रूरी हो जाता है।”

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