टॉम कूपर ने कहा कि 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के बालाकोट में किए गए एयरस्ट्राइक ने न केवल आतंक के अड्डों को निशाना बनाया, बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी दिया कि भारत अब ‘न्यू नॉर्मल’ की ओर बढ़ चुका है – आतंक के खिलाफ चुप नहीं रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तान ने अगले ही दिन जवाबी कार्रवाई की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय वायुसेना ने न केवल उनकी योजना को नाकाम किया बल्कि विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की बहादुरी ने पूरे देश का मनोबल भी ऊंचा किया। टॉम कूपर के अनुसार, “भारतीय पायलटों ने जिस कुशलता और तेजी से पाकिस्तान के F-16 और JF-17 विमानों को चकमा दिया, वह विश्वस्तरीय एयर कॉम्बैट क्षमता को दर्शाता है।”
टॉम कूपर ने यह भी जोड़ा कि तकनीकी दृष्टि से पाकिस्तान के पास अमेरिका निर्मित F-16 जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट थे, जबकि भारत ने मिग-21 जैसे पुराने विमानों से भी अद्वितीय साहस दिखाया। “यह सिर्फ तकनीक की जंग नहीं थी, यह रणनीति, प्रशिक्षण और आत्मबल की भी परीक्षा थी – जिसमें भारत ने बाजी मारी,” उन्होंने कहा।
इस एयर जंग के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भारत की संयम और मारक क्षमता दोनों की प्रशंसा की। टॉम कूपर का मानना है कि इस घटना ने भारत को केवल सैन्य मोर्चे पर ही नहीं, कूटनीतिक स्तर पर भी एक मजबूत स्थिति में ला खड़ा किया।
टॉम कूपर जैसे विशेषज्ञ की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वे युद्ध और वायुशक्ति के मामलों में निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं। उनका यह बयान पाकिस्तान की उस कथित जीत की धारणा को खारिज करता है, जिसे इस्लामाबाद वर्षों से प्रचारित करता रहा है।
टॉम कूपर की यह टिप्पणी न केवल भारत की सैन्य ताकत की पुष्टि है, बल्कि यह एक अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति भी है कि भारत, यदि आवश्यक हो, तो किसी भी खतरे से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। पाकिस्तान को अब यह समझ लेना चाहिए कि भारत की वायुसीमा में घुसपैठ की कोई भी कोशिश, उसके लिए भारी पड़ सकती है।