Site icon Samagra Bharat News website

तमिल नाडु ईडी ने टीएएसएमएसी मामले में फिर मारे छापे, 1000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का शक

तमिल नाडु ईडी ने टीएएसएमएसी मामले में फिर मारे छापे, 1000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का शक

समग्र समाचार सेवा

चेन्नई 16 मई – प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार, 16 मई को तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (टीएएसएमएसी) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के कई ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के अंतर्गत की जा रही है।

ईडी ने बताया कि टीएएसएमएसी के अधिकारियों और उनके करीबी एजेंटों से जुड़े करीब 10 अलग-अलग स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। ये छापे चेन्नई समेत राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे हैं।

टीएएसएमएसी, तमिलनाडु सरकार की एक प्रमुख संस्था है, जो राज्य में शराब की खुदरा और थोक बिक्री का एकमात्र अधिकार रखती है। इसे राज्य सरकार के अधीन एकमात्र वैध शराब विक्रेता माना जाता है।

ईडी ने इसी साल मार्च महीने में इस मामले में पहली बार छापेमारी की थी। उस वक्त एजेंसी ने दावा किया था कि टीएएसएमएसी के संचालन में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में पता चला था कि निविदा प्रक्रिया (टेंडरिंग) में हेरफेर की गई और एक निजी डिस्टिलरी कंपनी के जरिए करीब 1000 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया, जिसका कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था।

सूत्रों का कहना है कि ईडी को इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल सबूत हाथ लगे हैं, जिनकी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अनियमितताओं से किसे फायदा हुआ और क्या इसमें किसी राजनीतिक या प्रशासनिक स्तर पर मिलीभगत थी।

टीएएसएमएसी घोटाला तमिलनाडु में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

ईडी की इस नई कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और खुलासे होने की संभावना है।

Exit mobile version