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वक्फ कानून पर सुप्रीम कोर्ट में सरकार की दो टूक: “97 लाख लोगों से ली राय, याचिकाकर्ता पूरे मुस्लिम समाज की आवाज नहीं”

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,21 मई ।
सुप्रीम कोर्ट में वक्फ कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने सोमवार को बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट शब्दों में कहा कि “हमने देशभर में 97 लाख लोगों से राय ली है, और यह दावा करना कि याचिकाकर्ता पूरे मुस्लिम समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं — सरासर गुमराह करने वाला है।”

सरकार की इस दलील ने वक्फ एक्ट को लेकर चल रही बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। जहां याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वक्फ एक्ट 1995 असंवैधानिक है और यह धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के खिलाफ है, वहीं सरकार ने इसका जोरदार बचाव करते हुए इसे “जनहित में लाया गया कानून” बताया।

सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने कहा,

“वक्फ कानून कोई अचानक बना कानून नहीं है। यह ऐतिहासिक, सामाजिक और धार्मिक ज़रूरतों की बुनियाद पर बना है। हमने विस्तृत परामर्श के बाद इसे बनाया है, और इसके पीछे 97 लाख नागरिकों की राय है।”

उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता कुछ व्यक्तिगत विचारों के आधार पर पूरे मुस्लिम समुदाय की नुमाइंदगी करने का दावा नहीं कर सकते।

वक्फ एक्ट, 1995 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं जिनमें आरोप है कि यह कानून “धर्म विशेष को विशेषाधिकार देता है” और यह संविधान के सेक्युलर फ्रेमवर्क के खिलाफ है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि वक्फ बोर्ड को दी गई संपत्तियों पर अधिकार असंवैधानिक है।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह याचिकाओं की वैधता और तथ्यों की गहराई से जांच करेगा। अदालत ने संकेत दिए कि यह मामला न केवल कानूनी बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बेहद संवेदनशील है, इसलिए जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।

सरकार के इस रुख के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। कुछ दलों ने इसे “बहुसंख्यक तुष्टीकरण का अंत” बताया, तो कुछ ने सरकार पर “धार्मिक ध्रुवीकरण” का आरोप लगाया।

नजरें अब सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं — क्या होगा वक्फ कानून का भविष्य? क्या सरकार की 97 लाख लोगों वाली दलील याचिकाओं को कमजोर कर देगी? या फिर अदालत कोई नई राह खोलेगी?

एक संवेदनशील मुद्दे पर देश की सबसे बड़ी अदालत में चल रही ये लड़ाई सिर्फ कानूनी नहीं, सामाजिक तानेबाने को भी प्रभावित कर सकती है।

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