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भारतीय मुक्केबाज़ों का ऐतिहासिक प्रदर्शन: एएसबीसी चैंपियनशिप में 17 पदक, माहि सिवाच ने दिलाया स्वर्ण

समग्र समाचार सेवा 
नई दिल्ली/कोलंबो, 25 मई: भारतीय मुक्केबाज़ों ने इतिहास रचते हुए श्रीलंका के कोलंबो में 10 से 23 मई 2025 तक आयोजित एएसबीसी अंडर-22 और यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कुल 17 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, कज़ाख़स्तान, उज्बेकिस्तान और मेज़बान श्रीलंका समेत कुल 23 देशों के मुक्केबाज़ों ने हिस्सा लिया।

भारत की ओर से कुल 19 मुक्केबाज़ों ने भाग लिया, जिनमें से 17 खिलाड़ी पदक के साथ लौटे — 1 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य। यह भारतीय बॉक्सिंग के इतिहास की सबसे सफल अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में से एक साबित हुई।

अंडर-22 महिला वर्ग की मुक्केबाज़ माहि सिवाच ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत को एकमात्र गोल्ड दिलाया और देश को गौरवान्वित किया।

भारतीय पदक विजेता:

अंडर-22 महिला वर्ग:

यूथ महिला वर्ग:

यूथ पुरुष वर्ग:

इसके अलावा अंडर-22 वर्ग से शिवानी (महिला) और शुभम (पुरुष) ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया।

पुरस्कार समारोह के दौरान भारतीय एमेच्योर बॉक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. राकेश मिश्रा ने इस आयोजन को “शक्ति, सहनशक्ति और मानव चरित्र का उत्सव” बताया। उन्होंने कहा, “मुक्केबाज़ी सिर्फ शारीरिक ताकत और तकनीक की परीक्षा नहीं है, यह साहस, सहनशीलता और चरित्र की सच्ची परख है।”

डॉ. मिश्रा ने मेज़बान श्रीलंका बॉक्सिंग फेडरेशन और सभी भागीदार देशों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत निष्पक्ष खेल, समावेशिता और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, “यह सिर्फ बॉक्सिंग का उत्सव नहीं, बल्कि मित्रता, साहस और एकता का भी उत्सव है।”

इस आयोजन में एशियन बॉक्सिंग कन्फेडरेशन (ASBC) के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:

भारतीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल डॉ. राकेश मिश्रा, राकेश ठाकरण (महासचिव), संजीव कुमार, डॉ. विपिन मधोगडिया, कर्नल रविंद्र सिंह परमार, डॉ. राजीव गोदारा और मुक्केबाज़ मलिक ने इन सभी अतिथियों को पारंपरिक शॉल और भगवान श्रीराम की छवियाँ भेंट कर सम्मानित किया।

ये प्रतीकात्मक उपहार भारत की एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और वैश्विक बॉक्सिंग समुदाय के साथ खेल भावना को समर्पित थे।

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