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बिलावल की सिंधु पानी को लेकर भारत को जंग की चुनौती

समग्र समाचार सेवा
इस्लामाबाद, 24 जून: पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के नेता और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए सिंधु जल संधि को लेकर युद्ध जैसी धमकी दे डाली है। उन्होंने कहा कि अगर भारत सिंधु जल समझौते को मानने से इनकार करता है, तो पाकिस्तान सभी छह नदियों पर नियंत्रण कर लेगा और ज़रूरत पड़ी तो “या तो पानी बहेगा या फिर उनका खून।”

उनका यह बयान भारत-पाकिस्तान के बीच पहले से तनावपूर्ण रिश्तों में एक और चिंगारी साबित हो सकता है।

अमित शाह के बयान से बौखलाया पाकिस्तान

हाल ही में भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा था कि सिंधु जल समझौते को अब बहाल नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि भारत इस समझौते को लेकर पाकिस्तान की निष्क्रियता और आतंकवाद के समर्थन के चलते कोई नरमी नहीं बरतेगा।

अमित शाह के बयान के बाद पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय हरकत में आया और भारत के रवैये पर आपत्ति जताई। इस बीच बिलावल भुट्टो का यह बयान आया है, जिसमें उन्होंने युद्ध तक की धमकी दी है।

‘भारत युद्ध चाहता है तो तैयार रहें’ – बिलावल

बिलावल ने कहा, “भारत अगर समझौता तोड़ता है तो पाकिस्तान पीछे नहीं हटेगा। पाकिस्तान युद्ध से नहीं डरता। हम अपनी नदियों का पानी लेकर रहेंगे।” उन्होंने अपने बयान में यहां तक कह दिया कि भारत के पास अब सिर्फ दो ही विकल्प हैं – या तो समझौता चालू रखे या फिर जंग के लिए तैयार हो जाए।

भारत का जवाब – “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते”

भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान की ओर से बार-बार आतंकी घटनाओं के चलते भारत अब उस देश के साथ पुराने समझौतों पर फिर से विचार करेगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने दो टूक कहा था कि “पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।” यह बयान पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर जवाब देने के लिए काफी था

1960 का समझौता फिर विवाद में

1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि हुई थी, जिसे विश्व बैंक की मध्यस्थता में लागू किया गया था। इसमें छह नदियों के जल बंटवारे का प्रावधान था। लेकिन अब भारत इस समझौते की प्रासंगिकता पर सवाल उठा रहा है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि बिलावल भुट्टो के ऐसे बयानों से पाकिस्तान की छवि और खराब होगी और वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-थलग पड़ सकता है।

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