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तमिलनाडु में पहली बार ट्रांसवुमन जेन्सी बनीं सहायक प्रोफेसर, लोयोला कॉलेज में हुई नियुक्ति

समग्र समाचार सेवा
चेन्नई, 25 जून : चेन्नई के प्रतिष्ठित लोयोला कॉलेज ने इतिहास रचते हुए ट्रांसवुमन डॉ. एन जेन्सी को अंग्रेज़ी विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया है। यह तमिलनाडु में इस तरह की पहली नियुक्ति मानी जा रही है, जिसे शैक्षणिक क्षेत्र में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

जेन्सी ने अंग्रेज़ी साहित्य में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है और उन्हें कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किया गया है। हालांकि, वह आश्वस्त हैं कि जल्द ही उन्हें स्थायी पद पर नियुक्त कर दिया जाएगा।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने भी जेन्सी को बधाई दी। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, “आपकी मेहनत शिक्षा के ज़रिये उभरने की कोशिश कर रहे सैकड़ों लोगों के लिए प्रेरणा बने। वे अस्वीकारों और चुनौतियों को पार करें और शिक्षा के बल पर विजयी हों।”

तिरुत्तानी की मूल निवासी जेन्सी ने एक साधारण परिवार से आकर कई सामाजिक और संस्थागत बाधाओं को पार किया है। उन्होंने अंबेडकर कॉलेज ऑफ़ आर्ट्स एंड साइंस से अपनी स्नातक और परास्नातक शिक्षा पूरी की, और फिर लोयोला कॉलेज से पीएचडी की।

एमफिल के दौरान उन्होंने उद्घोषक, ट्यूटर और होस्ट के रूप में काम किया ताकि अपनी सेक्स रिअसाइनमेंट सर्जरी के लिए पैसे जोड़ सकें। इसी समय उन्होंने अपनी माँ और बहन को अपने ट्रांसजेंडर होने की सच्चाई बताई।

जेन्सी ने कहा, “यह केवल मेरा व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि ट्रांसजेंडर समुदाय के सम्मान, शिक्षा और समान अवसर के अधिकार की मान्यता है।”

लोयोला कॉलेज की अंग्रेज़ी विभागाध्यक्ष प्रो. पी. मैरी विद्या पोरसेल्वी ने कहा, “उनकी शैक्षणिक योग्यता और समर्पण प्रेरणादायक हैं। वह अंडरग्रेजुएट छात्रों को सामान्य अंग्रेज़ी और स्पोकन इंग्लिश पढ़ा रही हैं। उनके आने से कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण और समृद्ध हुआ है।”

यह नियुक्ति न केवल जेन्सी की उपलब्धि है, बल्कि समाज में बदलाव और समावेश की दिशा में एक उपलब्धि है

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