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पायलट्स के बीच अंतिम बातचीत से खुला एयर इंडिया क्रैश का रहस्य

पायलट्स के बीच अंतिम बातचीत से खुला एयर इंडिया क्रैश का रहस्य

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,12 जुलाई – 12 जून को हुए एयर इंडिया ड्रीमलाइनर हादसे की प्रारंभिक जाँच  रिपोर्ट ने विमान दुर्घटना के ठीक पहले के चौंकाने वाले घटनाक्रम का खुलासा किया है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी 15 पृष्ठों की रिपोर्ट में बताया गया है कि उड़ान AI171 के दोनों इंजन फ्यूल स्विच टेकऑफ के चंद सेकंड बाद एक साथ ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ स्थिति में चले गए थे, जिससे इंजन को अचानक ईंधन मिलना बंद हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भर रहे बोइंग 787-8 विमान ने 13:38:39 IST पर टेकऑफ किया। मात्र तीन सेकंड बाद विमान ने अपनी अधिकतम गति 180 नॉट्स दर्ज की। इसके तुरंत बाद, दोनों इंजन – इंजन 1 और इंजन 2 – के फ्यूल स्विच एक-एक सेकंड के अंतर पर ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ में चले गए।

कॉकपिट में तनावपूर्ण संवाद
वॉयस रिकॉर्डर के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “तुमने फ्यूल कट क्यों किया?” जवाब मिला – “मैंने नहीं किया।” इस संवाद से स्पष्ट है कि यह निर्णय जानबूझकर नहीं लिया गया था, जिससे हादसे को लेकर रहस्य और गहरा हो गया है।

जैसे ही ईंधन की आपूर्ति बंद हुई, दोनों इंजनों के N1 और N2 पावर इंडिकेटर गिरने लगे। पायलट्स ने तुरंत स्विच वापस ‘RUN’ में डालकर इंजन को दोबारा स्टार्ट करने की कोशिश की, लेकिन कुछ सेकंड बाद ही फ्लाइट रिकॉर्डिंग बंद हो गई।

260 लोगों की मौत, सिर्फ एक जीवित बचा
13:39:05 IST पर पायलट ने ‘MAYDAY’ कॉल दी, लेकिन एयर ट्रैफिक कंट्रोल को कॉल साइन का कोई जवाब नहीं मिला। चंद पलों बाद विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट की सीमा के बाहर एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया, जिसमें यात्रियों के अलावा छात्र और मेडिकल स्टाफ भी मारे गए। कुल 260 लोगों की जान चली गई, जबकि सिर्फ एक व्यक्ति जीवित बचा।

DGCA की रिपोर्ट में फ्यूल सैंपल क्लीन
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने विमान में डाले गए फ्यूल के सैंपल का परीक्षण किया, जो मानकों पर खरे उतरे। रिपोर्ट में कहा गया है कि हादसे के समय को-पायलट विमान उड़ा रहा था, जबकि कैप्टन निगरानी की भूमिका में था।

हालांकि यह पहला घातक हादसा था जिसमें बोइंग 787 शामिल हुआ, AAIB ने इस विमान मॉडल को लेकर अन्य ऑपरेटरों के लिए कोई तत्काल सुरक्षा चेतावनी जारी नहीं की है। जांच अब भी जारी है ताकि यह पता चल सके कि फ्यूल कटऑफ के पीछे तकनीकी गड़बड़ी थी या मानव त्रुटि।

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