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PM मोदी का UK-मालदीव दौरा 23-26 जुलाई तक

मोदीनॉमिक्स ज़िंदा ही नहीं, दुनिया की सबसे तेज़ अर्थव्यवस्था का इंजन है"

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 जुलाई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 23 जुलाई से 26 जुलाई तक ब्रिटेन और मालदीव की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय दौरे का उद्देश्य भारत के व्यापारिक, कूटनीतिक और सामरिक हितों को नई दिशा देना है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक मंच पर अपने संबंधों को गहराने और व्यापारिक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रहा है।

ब्रिटेन: व्यापार, रक्षा और प्रवासी भारतीयों से संवाद

प्रधानमंत्री का पहला पड़ाव यूनाइटेड किंगडम (UK) होगा, जहां वे ब्रिटिश प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करेंगे। भारत और ब्रिटेन के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही है, और इस दौरे में इसे अंतिम रूप दिए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार को £35 अरब तक ले जाने और भारत को £10 अरब का लाभ पहुंचाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।

इस दौरे के दौरान पीएम मोदी रक्षा, साइबर सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को लेकर भी गहन वार्ता करेंगे। इसके साथ ही प्रधानमंत्री भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित करेंगे, जो ब्रिटेन में भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रमुख स्तंभ है।

मालदीव: हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक मौजूदगी का विस्तार

ब्रिटेन के बाद प्रधानमंत्री मोदी मालदीव की यात्रा पर जाएंगे, जहां वे राष्ट्रपति मोहम्मद मुईज्जू से मुलाकात करेंगे। मालदीव हिंद महासागर में भारत की ‘सागर’ (Security and Growth for All in the Region) नीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बीते कुछ महीनों में चीन की गतिविधियों के कारण भारत-मालदीव संबंधों में कुछ तनातनी देखने को मिली है। इस पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री की यह यात्रा द्विपक्षीय विश्वास बहाली, परियोजनाओं की समीक्षा और रक्षा सहयोग को पुनर्स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, भारत द्वारा वित्तपोषित कई प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे ग्रेटर माले कनेक्टिविटी ब्रिज और रक्षा सहयोग पर भी बातचीत होगी।

निष्कर्ष
यह द्विपक्षीय यात्रा न केवल भारत की विदेश नीति की सक्रियता को दर्शाती है, बल्कि एक जिम्मेदार और रणनीतिक साझेदार के रूप में भारत की छवि को भी मजबूत करती है। प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा व्यापार, रक्षा, और कूटनीतिक क्षेत्र में भारत के हितों को बढ़ावा देने की दिशा में एक निर्णायक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

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