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संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संग्राम के बीच मनीष तिवारी का रहस्यमयी पोस्ट: ‘भारत की बात सुनाता हूं…’

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 जुलाई, 2025: संसद के मानसून सत्र में इन दिनों ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर गरमागरम बहस जारी है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद मनीष तिवारी के एक रहस्यमयी सोशल मीडिया पोस्ट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। तिवारी ने देशभक्ति गीत की पंक्तियां, “है प्रीत जहां की रीत सदा, मैं गीत वहां के गाता हूं, भारत का रहने वाला हूं, भारत की बात सुनाता हूं। जय हिंद।” ट्वीट की हैं। यह पोस्ट ऐसे समय में आया है जब उन्हें और शशि थरूर को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर संसद में बोलने वाले सांसदों की सूची से कथित तौर पर बाहर कर दिया गया था। इस पोस्ट को अपनी ही पार्टी कांग्रेस पर निशाना साधने के रूप में देखा जा रहा है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस और मनीष तिवारी की चुप्पी

संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर 16 घंटे की मैराथन बहस चल रही है, जिसमें सरकार और विपक्ष के दिग्गज नेता अपनी बात रख रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जहां इस अभियान को भारत की बड़ी कामयाबी बताया है, वहीं राहुल गांधी सहित कांग्रेस के अन्य नेताओं ने खुफिया विफलता और ऑपरेशन के ‘सीजफायर’ पर सवाल उठाए हैं।

मनीष तिवारी, जो विदेश मामलों और रक्षा मुद्दों पर मुखर रहने के लिए जाने जाते हैं, को इस महत्वपूर्ण बहस में बोलने का मौका नहीं मिलने से कई सवाल उठ रहे हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट को इस बात की प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है कि उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दे पर अपनी बात रखने से वंचित किया गया। यह घटनाक्रम कांग्रेस के भीतर संभावित अंदरूनी कलह का संकेत भी दे सकता है, खासकर उन नेताओं के बीच जो अपनी पार्टी लाइन से हटकर अक्सर राष्ट्रीय सुरक्षा पर मजबूत रुख रखते हैं।

भाजपा ने साधा कांग्रेस पर निशाना

मनीष तिवारी के इस क्रिप्टिक पोस्ट को भाजपा ने तुरंत भुनाया। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। मालवीय ने कहा कि यह ट्वीट दर्शाता है कि कांग्रेस में राष्ट्रवादियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने ट्वीट किया, “कांग्रेस में राष्ट्रवादियों के लिए कोई जगह नहीं है, बल्कि राष्ट्रवाद को कांग्रेस में अपराध माना जाता है।” भाजपा लगातार कांग्रेस पर राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर कमजोर रुख अपनाने और देश विरोधी ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाती रही है। मनीष तिवारी का यह पोस्ट भाजपा को कांग्रेस पर हमला बोलने का एक और मौका दे गया।

राजनीतिक मायने और अंदरूनी कलह?

मनीष तिवारी और शशि थरूर जैसे अनुभवी और articulate (वाक्पटु) सांसदों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी संवेदनशील बहस से बाहर रखना कांग्रेस की रणनीति पर सवाल खड़े करता है। दोनों ही नेता रक्षा और विदेश नीति के मामलों में गहरी समझ रखते हैं और वे सरकार को तार्किक ढंग से घेर सकते थे। ऐसे में उनके पोस्ट और टिप्पणियां पार्टी के भीतर संभावित असंतोष को उजागर करती हैं।

यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस शायद ऐसे नेताओं को आगे नहीं लाना चाहती जो पार्टी के “सॉफ्ट हिंदुत्व” या मौजूदा राजनीतिक स्टैंड से थोड़ा अलग राय रखते हों। मनीष तिवारी का यह पोस्ट केवल एक ट्वीट नहीं, बल्कि एक संदेश है कि पार्टी के भीतर कुछ ऐसे लोग भी हैं जो राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर स्पष्टता और दृढ़ता चाहते हैं, भले ही इसके लिए अपनी ही पार्टी से थोड़ी दूरी क्यों न बनानी पड़े। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि मनीष तिवारी का यह रहस्यमयी पोस्ट कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में क्या रंग लाता है।

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