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सुमित चक्रवर्ती का निधन: एडिटर्स गिल्ड ने जताया गहरा शोक, पत्रकारिता जगत में शोक की लहर

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29 जुलाई, 2025: भारतीय पत्रकारिता जगत ने एक और दिग्गज को खो दिया है। एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के पूर्व महासचिव और प्रतिष्ठित साप्ताहिक पत्रिका ‘मेनस्ट्रीम’ के संपादक सुमित चक्रवर्ती का शनिवार, 26 जुलाई को कोलकाता में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन पर एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने गहरा दुख व्यक्त किया है, और इसे पत्रकारिता समुदाय के लिए एक बड़ी क्षति बताया है। सुमित चक्रवर्ती को सिद्धांतों पर आधारित पत्रकारिता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा, जिसने उन्हें दशकों तक एक सम्मानित स्थान दिलाया।

पत्रकारिता में एक समर्पित जीवन

सुमित चक्रवर्ती जाने-माने पत्रकार-संपादक निखिल चक्रवर्ती के बेटे थे, और उन्होंने अपने पिता की विरासत को बखूबी आगे बढ़ाया। उन्होंने 1999 से 2001 तक एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के महासचिव के रूप में कार्य किया और संगठन के भीतर विभिन्न अन्य पदों पर भी रहे। इन भूमिकाओं में रहते हुए, उन्होंने हमेशा पत्रकारिता के उच्च मानकों को बनाए रखने और प्रेस की स्वतंत्रता की वकालत की।

‘मेनस्ट्रीम’ साप्ताहिक पत्रिका सुमित चक्रवर्ती के नेतृत्व में अपनी प्रतिष्ठित प्रतिष्ठा बनाए रखने में सफल रही। इस पत्रिका ने एक समर्पित पाठक वर्ग को आकर्षित किया, जिसके माध्यम से उन्होंने लगातार उन प्रगतिशील विचारों को बढ़ावा दिया जो उन्हें विरासत में मिले थे। वह ऐसे समय में भी निष्पक्ष और विश्लेषणात्मक पत्रकारिता के प्रतीक बने रहे जब मीडिया परिदृश्य तेजी से बदल रहा था। उनका काम हमेशा तथ्य-आधारित रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण पर केंद्रित रहा।

एडिटर्स गिल्ड ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने सुमित चक्रवर्ती के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। गिल्ड ने एक बयान जारी कर उनके योगदान को याद किया और कहा कि वे पत्रकारों के लिए एक स्थायी प्रेरणा बने रहेंगे। इस बयान पर एडिटर्स गिल्ड के अध्यक्ष अनंत नाथ, महासचिव रूबेन बनर्जी और कोषाध्यक्ष के वे प्रसाद के हस्ताक्षर हैं।

गिल्ड ने अपने बयान में सुमित चक्रवर्ती की सिद्धांतवादी पत्रकारिता, उनकी निष्ठा और मीडिया जगत में उनके अमूल्य योगदान को सराहा। उन्होंने कहा कि सुमित चक्रवर्ती जैसे अनुभवी और समर्पित पत्रकार का जाना पत्रकारिता बिरादरी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका मार्गदर्शन और अनुभव हमेशा याद किया जाएगा, खासकर ऐसे समय में जब पत्रकारिता को विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

एक विरासत जो बनी रहेगी प्रेरणा

सुमित चक्रवर्ती ने अपना जीवन पत्रकारिता के उच्च आदर्शों और मूल्यों को समर्पित कर दिया था। उन्होंने हमेशा सत्य की खोज और सार्वजनिक हित में जानकारी प्रस्तुत करने के महत्व पर जोर दिया। उनका निधन निश्चित रूप से भारतीय पत्रकारिता के लिए एक दुखद क्षण है, लेकिन उनकी विरासत और उनके सिखाए गए सिद्धांत आने वाली पीढ़ियों के पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

पत्रकारिता समुदाय में उन्हें उनके शांत स्वभाव, गहन अंतर्दृष्टि और सिद्धांतों से समझौता न करने वाले रवैये के लिए जाना जाता था। उनके निधन पर देश भर के पत्रकारों और मीडिया घरानों ने शोक व्यक्त किया है। उनकी पत्रकारिता ने न केवल तथ्यों को उजागर किया, बल्कि समाज को सोचने और सवाल उठाने के लिए भी प्रेरित किया। सुमित चक्रवर्ती का जीवन और कार्य उन सभी के लिए एक मिसाल है जो पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशे के रूप में नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं।

 

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