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पीएम मोदी ने दिया दुनिया को धन्यवाद संदेश, आजादी की बधाई पर किया आभार व्यक्त

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 17 अगस्त, 2025: 15 अगस्त को भारत ने अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस खास मौके पर दुनिया भर से भारत को बधाई संदेश मिले। संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति से लेकर फ्रांस, इज़राइल, यूक्रेन, मॉरीशस और भूटान जैसे देशों के प्रमुखों ने भारत की प्रगति और लोकतंत्र की सराहना की। इन बधाई संदेशों ने भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और दुनिया के देशों के साथ उसके मजबूत होते संबंधों को दर्शाया।

पीएम मोदी ने दिया खास संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बधाई संदेशों का जवाब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दिया। उन्होंने प्रत्येक नेता को व्यक्तिगत रूप से संबोधित करते हुए आभार व्यक्त किया और अपने देश के साथ भारत के संबंधों के महत्व पर जोर दिया। पीएम मोदी का यह कदम न केवल एक राजनयिक शिष्टाचार था, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत अपनी मित्रता को कितना महत्व देता है।

यूक्रेन और इजराइल को विशेष धन्यवाद

प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने यूक्रेन के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि की कामना की। इसी तरह, उन्होंने इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी धन्यवाद दिया और आशा व्यक्त की कि भारत और इज़राइल के बीच दोस्ती लगातार बढ़ती रहेगी। उन्होंने दोनों देशों के बीच शांति, विकास और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को मजबूत करने की बात भी कही।

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का जिक्र

पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन को ‘दोस्त’ कहकर संबोधित किया और उन्हें धन्यवाद दिया। उन्होंने भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी के महत्व पर जोर दिया। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश कई क्षेत्रों में, खासकर रक्षा और प्रौद्योगिकी में, निकटता से काम कर रहे हैं। पीएम मोदी का यह संदेश भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भरता की नीतियों के लिए भी एक मजबूत समर्थन को दर्शाता है।

पड़ोसी देशों से मजबूत संबंध

प्रधान मंत्री मोदी ने मॉरीशस और भूटान के नेताओं को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने मॉरीशस के साथ भारत की “सामरिक साझेदारी” और भूटान के साथ “मित्रता के मजबूत बंधन” पर जोर दिया। इन देशों के साथ भारत के संबंध न केवल ऐतिहासिक हैं, बल्कि भविष्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। यह दिखाता है कि भारत अपनी “पड़ोसी पहले” की नीति को कितना महत्व देता है।

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