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अमिताभ बच्चन का खुलासा: ‘अब पैंट पहनना भी मुश्किल है’

समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 19 अगस्त, 2025: भारतीय सिनेमा के महानायक, अमिताभ बच्चन, अपनी फिल्मों के साथ-साथ ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (केबीसी) के मंच पर भी अपनी निजी जिंदगी और अनुभव साझा करने के लिए जाने जाते हैं। हाल ही के एक एपिसोड में, उन्होंने बढ़ती उम्र के कारण आने वाली चुनौतियों के बारे में बात की, जिससे दर्शक और फैंस भावुक हो गए। एक कंटेस्टेंट के साथ बातचीत के दौरान, उन्होंने एक बेहद सरल लेकिन दिल को छू लेने वाली बात कही, जिसने सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने बताया कि किस तरह उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर की गतिशीलता कम हो जाती है।

‘पैंट पहनने में भी होती है दिक्कत’

एपिसोड के दौरान जब एक कंटेस्टेंट ने उनसे उनके दिनचर्या के बारे में पूछा, तो अमिताभ बच्चन ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा कि अब उनके लिए पैंट पहनना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि पहले वे बिना सहारे के आराम से पैंट पहन लेते थे, लेकिन अब उन्हें एक दीवार या किसी सहारे की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, “अब बिना दीवार के एक पैर ऊपर उठाकर पैंट पहनना मुश्किल हो गया है। अब पहले दीवार पकड़नी पड़ती है, फिर पैंट पहननी पड़ती है।” उनकी यह टिप्पणी सुनते ही दर्शक मुस्कुराने लगे, लेकिन उनके शब्दों में छिपा दर्द भी महसूस किया।

चुनौतियां स्वीकार करने का सकारात्मक रवैया

अमिताभ बच्चन के इस बयान ने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं हैं, बल्कि एक आम इंसान हैं जो उम्र के हर पड़ाव को स्वीकार करते हैं। 80 से अधिक की उम्र में भी वे लगातार काम कर रहे हैं, फिल्मों की शूटिंग कर रहे हैं और केबीसी जैसे शो को होस्ट कर रहे हैं। वे अक्सर अपने ब्लॉग पर भी अपनी सेहत और चुनौतियों के बारे में लिखते रहते हैं। उनकी यह टिप्पणी दर्शकों के साथ उनका रिश्ता और मजबूत करती है, क्योंकि यह उन्हें और भी अधिक विश्वसनीय और मानवीय बनाती है।

फैंस ने सराहा बिग बी का जज्बा

अमिताभ बच्चन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस ने उनके जज्बे की खूब तारीफ की। लोगों ने कहा कि इस उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण और उनकी जिंदादिली प्रेरणादायक है। कई फैंस ने उनकी फिटनेस और सेहत को लेकर चिंता भी जताई। हालांकि, अमिताभ बच्चन का मानना है कि उम्र सिर्फ एक संख्या है और जब तक शरीर और मन साथ देते हैं, तब तक काम करते रहना चाहिए।

यह घटना न सिर्फ एक मजेदार किस्सा है, बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है कि उम्र के साथ आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करना और उनसे सकारात्मक तरीके से निपटना कितना जरूरी है।

 

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