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NDA के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने भरा नामांकन, पीएम मोदी बने मुख्य प्रस्तावक

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 20 अगस्त, 2025: बुधवार को एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने संसद भवन में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित एनडीए के सभी प्रमुख दलों के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन की इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री मोदी उनके पहले प्रस्तावक बने, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि पार्टी और गठबंधन राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। नामांकन पत्र चार सेटों में दाखिल किए गए, जिनमें से प्रत्येक पर 20 प्रस्तावकों और 20 अनुमोदकों के हस्ताक्षर थे, जो एनडीए के भीतर व्यापक समर्थन को दर्शाते हैं।

राधाकृष्णन कौन हैं? उनका सियासी सफर

सी.पी. राधाकृष्णन तमिलनाडु से आते हैं और उनका लंबा राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रहा है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनसंघ से अपनी सियासी पारी की शुरुआत करने के बाद भाजपा के एक समर्पित सदस्य रहे हैं। उन्होंने 1998 और 1999 में कोयंबटूर से लोकसभा सांसद के रूप में भी सेवा दी है। इसके अलावा, वह झारखंड के राज्यपाल और महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भी कार्य कर चुके हैं, और उन्हें तेलंगाना और पुडुचेरी का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। उनकी शांत और अनुभवी छवि उन्हें उपराष्ट्रपति पद के लिए एक योग्य उम्मीदवार बनाती है।

‘दक्षिण बनाम दक्षिण’ की लड़ाई, विपक्ष का भी उम्मीदवार

भारतीय राजनीति के इस चुनाव को ‘दक्षिण बनाम दक्षिण’ के मुकाबले के रूप में देखा जा रहा है। जहां एनडीए ने तमिलनाडु से आने वाले सी.पी. राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है, वहीं विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन ने तेलंगाना से ताल्लुक रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया है। विपक्ष ने अपने उम्मीदवार के माध्यम से एक वैचारिक लड़ाई का संदेश देने की कोशिश की है। हालांकि, संसद के दोनों सदनों में एनडीए के संख्याबल को देखते हुए, सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। एनडीए के पास कुल 421 सांसदों का समर्थन है, जो उन्हें बहुमत के आंकड़े से कहीं आगे रखता है।

एक दिलचस्प चुनावी प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचक मंडल द्वारा होता है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सभी सदस्य शामिल होते हैं। इस चुनाव में कुल 788 सांसद मतदान करते हैं। एनडीए के पास अपनी बहुमत के कारण अपने उम्मीदवार को आसानी से जिताने की पूरी ताकत है। इस चुनाव की प्रक्रिया 9 सितंबर को होगी और वोटों की गिनती भी उसी दिन की जाएगी।

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