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दिल्ली को मिला नया पुलिस कमिश्नर: सतीश गोलचा ने संभाली कमान

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21 अगस्त, 2025: दिल्ली पुलिस के नेतृत्व में एक बार फिर बड़ा फेरबदल हुआ है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सतीश गोलचा को दिल्ली का नया पुलिस कमिश्नर बनाया गया है। वह इससे पहले तिहाड़ जेल के महानिदेशक (डीजी) के पद पर तैनात थे। उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति ने हमला कर दिया था। इस घटना के बाद से ही पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे थे।

एसबीके सिंह, जो 31 जुलाई को दिल्ली पुलिस कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार संभाले थे, को महज 21 दिनों में इस पद से हटा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम पर हुए हमले को पुलिस की बड़ी लापरवाही माना गया, जिसके बाद केंद्र सरकार ने यह सख्त कदम उठाया। इससे पहले भी दिल्ली पुलिस कमिश्नर का पद कई बार अचानक बदले गए हैं, जिससे यह पद राजनीतिक और सुरक्षा-संबंधी दबावों के केंद्र में आ गया है।

कौन हैं सतीश गोलचा ? एक सख्त और अनुभवी अधिकारी

सतीश गोलचा 1992 बैच के अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (AGMUT) कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें एक सख्त और अनुभवी अधिकारी के तौर पर जाना जाता है। दिल्ली पुलिस में उनका कार्यकाल काफी लंबा रहा है, जहां उन्होंने डीसीपी, ज्वाइंट कमिश्नर और स्पेशल कमिश्नर (कानून व्यवस्था) जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।

जब 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे, तब वे स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर के पद पर थे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के प्रमुख के तौर पर भी उन्होंने काम किया है। इसके अलावा, वह अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) भी रह चुके हैं। उनके इस लंबे और विविध अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि दिल्ली की मौजूदा कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।

आगे की चुनौतियाँ: सुरक्षा और व्यवस्था

सतीश गोलचा के सामने दिल्ली में कई चुनौतियाँ हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री पर हुआ हमला, शहर में लगातार बढ़ रहे अपराध और कानून व्यवस्था को बनाए रखने का दबाव, ये सभी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होंगे। इसके अलावा, तिहाड़ जेल के महानिदेशक के रूप में उनके अनुभव से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे जेलों में होने वाले अपराधों और अंदरूनी व्यवस्था को सुधारने के लिए भी काम करेंगे। उनकी नियुक्ति को एक पूर्णकालिक कमिश्नर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे दिल्ली पुलिस में एक स्थायी नेतृत्व की उम्मीद जगी है।

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