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असम में सैयदा हामिद के खिलाफ FIR: सांप्रदायिक बयानबाजी का आरोप

समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 27 अगस्त: जानी -मानी सामाजिक कार्यकर्ता और पद्मश्री से सम्मानित सैयदा हामिद के खिलाफ असम के मंगलादाई पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर 22 अगस्त 2025 को गुवाहाटी में आयोजित एक बैठक के बाद उनके कथित सांप्रदायिक और राष्ट्र-विरोधी बयानों को लेकर दायर की गई है। यह शिकायत रूपा रानी भुयान, मंगलादाई की एक स्थानीय निवासी, द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें पुलिस से इस मामले की गहन जांच करने की अपील की गई है।

क्या हैं सैयदा हामिद पर लगे आरोप?

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि सैयदा हामिद ने अपनी बाइट्स (बयान) में बेहद सांप्रदायिक और भड़काऊ बातें कहीं। शिकायतकर्ता रूपा रानी भुयान के अनुसार, ये बयान इतने आपत्तिजनक थे कि वे असम में सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकते हैं। शिकायत में कहा गया है कि हामिद ने असम में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ चल रहे बेदखली अभियान को एक “इस्लामिक सांप्रदायिक रंग” दिया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि इस अभियान में केवल मुस्लिमों को ही निशाना बनाया जा रहा है, जबकि यह कानूनी प्रक्रिया अवैध अतिक्रमणकारियों के खिलाफ चलाई जा रही है।

बेदखली अभियान को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप

एफआईआर में विशेष रूप से यह उल्लेख किया गया है कि सैयदा हामिद ने जंगलों के विनाश और प्राकृतिक जल निकायों पर अतिक्रमण जैसी गंभीर पर्यावरणीय समस्याओं को भी सांप्रदायिक रंग दिया। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए जब बेदखली अभियान चलाया जाता है, तो उसमें सिर्फ मुस्लिमों को ही निशाना बनाया जाता है। यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पारिस्थितिकी और पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों को सांप्रदायिक एजेंडे से जोड़ा।

बांग्लादेशी घुसपैठियों के समर्थन का मामला

​एफआईआर का एक और गंभीर आरोप यह है कि सैयदा हामिद ने कथित तौर पर असम में रह रहे अवैध बांग्लादेशी मुस्लिमों का समर्थन किया। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने इन अवैध घुसपैठियों को असम राज्य में समायोजित करने की मांग की, जिसे शिकायतकर्ता ने एक राष्ट्र-विरोधी बयान बताया है। यह आरोप असम की संप्रभुता और जनसांख्यिकी से जुड़ा एक संवेदनशील मुद्दा है और इस पर पुलिस जांच की मांग की गई है।

असम सरकार और मुख्यमंत्री की आलोचना

शिकायतकर्ता रूपा रानी भुयान ने अपनी एफआईआर में यह भी कहा है कि सैयदा हामिद ने अवैध अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के लिए असम सरकार की आलोचना की। एफआईआर के अनुसार, उन्होंने असम के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार को अपमानित करने वाले बयान भी दिए। यह मामला अब पुलिस के संज्ञान में आ गया है और इस पर आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद है। पुलिस से अनुरोध किया गया है कि वे सैयदा हामिद के बयानों की जांच करें और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करें।

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