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पटना में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्पणी को लेकर BJP-कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े

समग्र समाचार सेवा
पटना, 29 अगस्त 2025: बिहार की राजधानी पटना में आज उस वक्त सियासी उबाल आ गया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ताओं की कांग्रेस कार्यकर्ताओं से हिंसक झड़प हो गई। यह घटना पटना में कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय, सदाकत आश्रम के ठीक बाहर हुई, जिसने पूरे इलाके को रणक्षेत्र में तब्दील कर दिया।

विरोध प्रदर्शन कैसे बना हिंसक झड़प?

यह पूरा मामला पिछले दिनों राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान दरभंगा में हुई एक घटना से जुड़ा है, जहां एक शख्स ने पीएम मोदी और उनकी दिवंगत मां पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस घटना के विरोध में बीजेपी ने पटना में एक बड़ा विरोध मार्च निकाला। बीजेपी नेता और कार्यकर्ताओं का यह मार्च कुर्जी मोड़ से शुरू होकर कांग्रेस कार्यालय, सदाकत आश्रम तक जाना था।

जैसे ही बीजेपी के कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उनकी तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते, दोनों ओर से नारेबाजी के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए और फिर झड़प शुरू हो गई। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने अपने पार्टी के झंडों के डंडों को हथियार बनाकर एक-दूसरे पर हमला किया। इस दौरान पथराव भी हुआ और गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए।

दोनों दलों के आरोप-प्रत्यारोप

झड़प के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमले का आरोप लगाया। बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने न केवल हमारे प्रधानमंत्री का अपमान किया है, बल्कि आज उन्होंने अपनी हिंसा की संस्कृति भी दिखा दी है।” उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भी समय पर कार्रवाई नहीं की।

वहीं, कांग्रेस ने बीजेपी पर गुंडागर्दी का आरोप लगाया है। कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया कि बीजेपी कार्यकर्ता जबरन सदाकत आश्रम का गेट तोड़कर अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में पुलिस का रवैया पक्षपातपूर्ण है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को बेवजह तूल देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर अप्रत्यक्ष रूप से इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के आगे असत्य और हिंसा नहीं टिक सकते।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

इस घटना के बाद पटना पुलिस हरकत में आई और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए बल का प्रयोग किया। कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने बताया कि इस हिंसक झड़प में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। गाड़ियों में हुई तोड़फोड़ की भी जांच की जा रही है।

यह घटना बिहार की चुनावी राजनीति में बढ़ते तनाव को दर्शाती है। जहां एक ओर बीजेपी पीएम मोदी के अपमान को एक बड़ा भावनात्मक मुद्दा बना रही है, वहीं विपक्ष इसे बीजेपी की हिंसक राजनीति का हिस्सा बता रहा है।

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