Site icon Samagra Bharat News website

पुतिन ने मोदी को लिमोजीन में दी ‘लिफ्ट’, 50 मिनट तक बात

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 01 सितंबर 2025: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के बाद, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक बेहद खास मुलाकात हुई, जिसने वैश्विक कूटनीति का ध्यान अपनी ओर खींचा। पुतिन ने खुद पीएम मोदी को द्विपक्षीय वार्ता के लिए अपनी आधिकारिक ऑरस लिमोजीन कार में लिफ्ट दी। दोनों नेताओं ने कार में बैठकर ही करीब 50 मिनट तक आमने-सामने बातचीत की, जिससे यह मुलाकात और भी गोपनीय और महत्वपूर्ण हो गई।

रूस के राष्ट्रीय रेडियो स्टेशन वेस्तीएफएम ने इस घटना की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं को अपनी-अपनी टीमों के साथ होटल में मुलाकात करनी थी, लेकिन होटल पहुंचने पर वे कार से नहीं उतरे और अंदर ही बात करते रहे। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बाद में पुष्टि की कि दोनों नेताओं ने कार में लगभग एक घंटे तक ‘घंटे तक आमने-सामने’ बातचीत की। पीएम मोदी ने भी बाद में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा कर इस बात की पुष्टि की।

यूक्रेन पर पीएम मोदी का सख्त संदेश

इस मुलाकात में सबसे खास बात यह रही कि दोनों नेताओं ने उन मुद्दों पर खुलकर बात की, जिन पर दुनिया की नजर थी। पीएम मोदी ने पुतिन को स्पष्ट संदेश दिया कि यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करना “मानवता का आह्वान” है। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति के तरीके खोजना बहुत जरूरी है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत पश्चिमी देशों के दबाव के बावजूद रूस के साथ अपने संबंधों को मजबूत कर रहा है।

जानकारों का कहना है कि यह शायद दोनों नेताओं के बीच सबसे विशेष बातचीत थी, जिसमें उन्होंने उन मुद्दों पर चर्चा की जिसकी जानकारी किसी और को नहीं हुई। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत दिसंबर में जी-20 शिखर वार्ता के लिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करने के लिए उत्सुक है। यह दर्शाता है कि भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। इस खबर का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जब फाइटर जेट बनाने वाली कंपनी का शेयर भी आज 5% चढ़ गया।

क्या हैं इस मुलाकात के सियासी मायने?

यह मुलाकात एक ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और यूरोपीय देश रूस पर कड़े प्रतिबंध लगा रहे हैं। इस मुश्किल वक्त में पुतिन का पीएम मोदी को व्यक्तिगत सम्मान देना और उनके साथ खुलकर बात करना यह दर्शाता है कि रूस भारत को एक भरोसेमंद और महत्वपूर्ण सहयोगी मानता है। यह घटना यह भी दिखाती है कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है और किसी के दबाव में नहीं आता है। भारत ने हमेशा शांति और बातचीत के माध्यम से समस्याओं को हल करने की वकालत की है, और पीएम मोदी का यह संदेश इस नीति को और भी मजबूत करता है।

Exit mobile version