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शिक्षक राष्ट्र की शक्ति हैं: पीएम मोदी

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 06 सितंबर: शिक्षक दिवस के अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षक किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति होते हैं। उन्होंने शिक्षकों से कहा, “आप ही भारत को विश्वगुरु बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” प्रधानमंत्री ने कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि छात्रों को जीवन के मूल्यों और नागरिक कर्तव्यों का भी पाठ पढ़ाते हैं।

पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संदेश

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में शिक्षकों को राष्ट्र के भविष्य का निर्माता बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार लाना समय की मांग है। उन्होंने कहा, “एक शिक्षक अपने छात्रों के सपनों को पंख देता है। आप उनके अंदर छिपी प्रतिभा को पहचानते हैं और उसे सही दिशा देते हैं।” उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का भी उल्लेख किया और बताया कि कैसे यह नीति भारत की शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने में मदद करेगी।

डिजिटल शिक्षा और नवाचार

प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे डिजिटल तकनीकों को अपनाएं और शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाएं। उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत कई पहल की गई हैं, जो शिक्षकों को छात्रों से जुड़ने और उन्हें बेहतर तरीके से पढ़ाने में मदद कर सकती हैं। उन्होंने कहा, “तकनीक सिर्फ एक उपकरण है, लेकिन इसे चलाने वाली शक्ति आप हैं। आप अपनी रचनात्मकता और कौशल का उपयोग करके इसे और अधिक प्रभावी बना सकते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को बताया कि वे कैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करके दूर-दराज के क्षेत्रों तक शिक्षा पहुंचा सकते हैं।

शिक्षक-छात्र संबंध

पीएम मोदी ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और स्वस्थ समाज के लिए शिक्षक और छात्र के बीच एक मजबूत बंधन होना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “एक शिक्षक अपने छात्र के लिए एक आदर्श होता है। आपका व्यवहार, आपकी बातें और आपका समर्पण आपके छात्रों को प्रेरित करता है।” उन्होंने सभी शिक्षकों को उनके निस्वार्थ सेवा और समर्पण के लिए धन्यवाद दिया।

राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का योगदान

इस संबोधन से यह स्पष्ट है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को बहुत महत्व देती है। प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल शिक्षकों का सम्मान करता है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा भी देता है।

 

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