Site icon Samagra Bharat News website

पीएम मोदी की सादगी: भाजपा कार्यशाला में सबसे पीछे बैठे

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 सितंबर 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बार फिर अपनी सादगी और विनम्रता का परिचय दिया। उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों के लिए भाजपा सांसदों के लिए आयोजित कार्यशाला में उन्होंने आगे की सीट पर बैठने के बजाय सबसे पिछली पंक्ति को चुना। एक सामान्य सांसद की तरह बैठक में भाग लेकर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को एक मजबूत संदेश दिया। यह कार्यशाला न केवल चुनाव रणनीति पर केंद्रित थी, बल्कि इसमें ऐतिहासिक #GenNextGST सुधारों के लिए प्रधानमंत्री को बधाई देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।

भारतीय जनता पार्टी ने 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव से पहले अपने सांसदों की तैयारियों को पुख्ता करने के लिए दिल्ली में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम की कार्यवाही आज सुबह से शुरू हुई, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शुरुआत से ही हिस्सा लिया।

सूत्रों के अनुसार, जब प्रधानमंत्री मोदी कार्यशाला में पहुंचे, तो उन्होंने सामान्य प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। उन्होंने आगे की सीट पर बैठने के बजाय सबसे पीछे की पंक्ति में बैठना पसंद किया। इस कदम ने वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया और यह तुरंत ही पार्टी के भीतर चर्चा का विषय बन गया। प्रधानमंत्री एक सामान्य कार्यकर्ता या सांसद की तरह बैठक में शामिल हुए और सभी चर्चाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। उनका यह कार्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उनके गहरे जुड़ाव और जमीनी स्तर से जुड़े रहने की उनकी इच्छा को दर्शाता है।

इस कार्यशाला का मुख्य फोकस उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों पर था। एनडीए ने चुनाव में 425 से अधिक सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई है, ताकि उनके उम्मीदवार की जीत निर्बाध रूप से हो सके। कार्यशाला में सांसदों को मतदान प्रक्रिया के नियमों और बारीक बिंदुओं से अवगत कराया गया, ताकि कोई भी गलती न हो। प्रधानमंत्री की उपस्थिति ने सांसदों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाया।

कार्यशाला के दौरान एक और महत्वपूर्ण घटना हुई। सांसदों ने एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को उनके ऐतिहासिक #GenNextGST सुधारों के लिए बधाई दी गई। ये सुधार जीएसटी प्रणाली में नई पीढ़ी के बदलाव हैं, जिनका उद्देश्य अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है। सांसदों ने प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। पीएम मोदी ने इस सम्मान को विनम्रता से स्वीकार किया और पार्टी कार्यकर्ताओं से एकजुटता के साथ राष्ट्र निर्माण में लगे रहने का आह्वान किया।

सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री का सबसे पीछे की सीट पर बैठना एक प्रतीकात्मक संदेश था कि भाजपा में सभी कार्यकर्ता बराबर हैं, चाहे उनकी पद या प्रतिष्ठा कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, और लोग पीएम मोदी की विनम्रता की जमकर तारीफ कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह कदम पार्टी की जड़ों को मजबूत करता है और युवा कार्यकर्ताओं को निस्वार्थ भाव से सेवा करने के लिए प्रेरित करता है।

Exit mobile version