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नीतीश कैबिनेट के 26 बड़े फैसले, युवाओं को नौकरी और पंचायतों में मंडप

समग्र समाचार सेवा
पटना, 9 सितंबर 2025:  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में कुल 26 एजेंडों पर मुहर लगाई गई, जिनमें युवाओं के लिए नई नौकरियां, पंचायत स्तर पर विवाह मंडप का निर्माण और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका का मानदेय बढ़ाना शामिल है। इन फैसलों से सरकार ने समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर युवाओं और महिलाओं, को साधने की कोशिश की है।

बिहार कैबिनेट की इस बैठक में लिए गए फैसलों का उद्देश्य राज्य के विकास को गति देना और जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक ‘मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना’ को मंजूरी देना है। इस योजना के तहत राज्य सरकार के 121 कर्मचारियों को आईआईएम बोधगया में प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें दो साल के लिए 80,000 से लेकर 1.5 लाख रुपये तक का मानदेय भी मिलेगा। यह पहल सरकारी कर्मचारियों को आधुनिक प्रबंधन और तकनीक में प्रशिक्षित करने के लिए की गई है, जिससे राज्य प्रशासन की कार्यक्षमता में सुधार होगा।

इसके साथ ही, नीतीश सरकार ने रोजगार सृजन पर भी विशेष ध्यान दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में क्षेत्रीय कार्यालयों के लिए राजस्व कर्मचारी के 3,303 अतिरिक्त पदों की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, गन्ना उद्योग विभाग में ‘बिहार ईंख पर्यवेक्षक संवर्ग नियमावली 2025’ को भी मंजूरी मिली है। इन कदमों से सरकारी नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों के लिए भी कई अहम निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने एक दिन पहले ही आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका का मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इसके अलावा, ग्राम कचहरी सचिवों का मानदेय भी 6,000 रुपये से बढ़ाकर 9,000 रुपये किया गया है, और होम गार्ड्स का दैनिक भत्ता 774 रुपये से बढ़ाकर 1,121 रुपये कर दिया गया है। इन फैसलों से इन वर्गों के लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के लिए भी कई प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी मिली है। कैबिनेट ने सरकारी योजनाओं के लिए शहरों में भी लीज पर जमीन लेने का फैसला किया है, जो पहले केवल गांवों तक सीमित था। इसके अलावा, बिहार खाद्यान भंडारण प्रबंधन एवं प्रशिक्षण संस्थान, पटना की स्थापना के लिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि को मंजूरी दी गई है, जबकि पटना में ‘जीविका’ मुख्यालय भवन के निर्माण के लिए 73 करोड़ 66 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

इन फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि नीतीश सरकार आगामी चुनावों से पहले जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। इन निर्णयों में शिक्षा, रोजगार, सामाजिक कल्याण और बुनियादी ढांचा विकास जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

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