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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए मतदान शुरू: पीएम मोदी ने सबसे पहले वोट डाला

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025: भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज संसद भवन में मतदान शुरू हो चुका है। इस चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन और इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी के बीच मुकाबला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद पहुंचकर सबसे पहले अपना वोट डाला, जिससे चुनाव के प्रति गंभीरता और कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। संख्याबल के आधार पर, यह चुनाव एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन के पक्ष में जाता दिख रहा है।

भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के लिए मतदान की प्रक्रिया सुबह से ही शुरू हो गई है। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के बाद हो रहा है, जिससे यह पद खाली हो गया था। इस चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सभी 781 सांसद वोट देने के पात्र हैं। जीत के लिए किसी भी उम्मीदवार को 391 वोटों का समर्थन चाहिए। हालांकि, ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की बीजेडी (7 सांसद), पंजाब की शिरोमणि अकाली दल और तेलंगाना के पूर्व सीएम के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति (4 सांसद) ने मतदान से दूर रहने की घोषणा कर दी है, जिससे अब जीत का जादुई आंकड़ा 386 रह गया है।

आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास दोनों सदनों में मिलाकर कुल 425 सांसद हैं। इसके अलावा, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने भी एनडीए उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन को समर्थन देने का ऐलान किया है, जिसके संसद में 11 सांसद हैं। इससे एनडीए के पक्ष में वोटों की संख्या 436 तक पहुंच सकती है, जो जीत के लिए पर्याप्त है।

दूसरी ओर, विपक्षी इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज बी सुदर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार बनाया है। विपक्ष को उम्मीद है कि कुछ सांसदों की क्रॉस-वोटिंग उनके पक्ष में जा सकती है, लेकिन यह जीत के लिए पर्याप्त नहीं होगी। हालांकि, बी सुदर्शन रेड्डी ने अपनी जीत को लेकर विश्वास जताया है और कहा है कि वे केवल सांसदों की अंतरात्मा को जगाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस चुनाव में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए व्हिप जारी नहीं होता है, और मतदान गुप्त बैलेट पेपर के माध्यम से होता है। सांसद अपनी पसंद के उम्मीदवार को वरीयता देकर वोट डालते हैं। एआईएमआईएम और आम आदमी पार्टी ने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार का समर्थन किया है, जबकि वाईएसआरसीपी ने एनडीए के उम्मीदवार पर भरोसा जताया है। आज तक सिर्फ 4 बार ऐसे मौके आए हैं जब उपराष्ट्रपति निर्विरोध चुने गए।

सीपी राधाकृष्णन की उम्मीदवारी को उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक जीवन के अनुभव के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वह झारखंड और महाराष्ट्र के राज्यपाल रह चुके हैं और कोयंबटूर से दो बार लोकसभा सांसद भी रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के करीबी माने जाने वाले राधाकृष्णन का जन्म तमिलनाडु में हुआ था, और उनकी जीत से भाजपा को दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

चुनाव आयोग ने मतदान के लिए पूरी तैयारी कर ली है। रिटर्निंग ऑफिसर, राज्यसभा के महासचिव पीसी मोदी, चुनाव की पूरी प्रक्रिया का संचालन कर रहे हैं। शाम 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होने के बाद देर शाम तक नतीजों की घोषणा होने की उम्मीद है, जिसके बाद देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा। यह चुनाव राजनीतिक दलों के लिए शक्ति प्रदर्शन का एक महत्वपूर्ण अवसर भी बन गया है, खासकर बिहार चुनाव और अन्य मुद्दों को लेकर राजनीतिक मोर्चों में चल रही तनातनी के बीच।

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