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10 साल में मोदी भी नरम लगेंगे, प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

10 साल में मोदी भी नरम लगेंगे प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

10 साल में मोदी भी नरम लगेंगे प्रशांत किशोर का बड़ा बयान

समग्र समाचार सेवा
पटना, 23 सितंबर, 2025: जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक मुस्लिम सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारतीय राजनीति के भविष्य को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि आज के 10 साल बाद लोगों को यह महसूस होगा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीति, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तुलना में ‘नरम’ थी। उन्होंने यह भी कहा कि क्या लोग यह महसूस नहीं कर पा रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) धीरे-धीरे केंद्र को ‘दक्षिणपंथी’ राजनीति की ओर धकेल रहा है।

प्रशांत किशोर ने अपने इस दावे को समझाते हुए बीजेपी के नेतृत्व की विभिन्न पीढ़ियों की तुलना की। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी से लेकर वर्तमान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक के नेतृत्व का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, “आप इसे लिख लीजिए, आज से 10 साल बाद, जब मैं आपसे मिलूंगा, तब आप कहेंगे कि तब तो मोदी जी फिर भी सहनीय थे, लेकिन यह जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं, ये तो असहनीय हैं।”

‘हर पीढ़ी अधिक कट्टर होती जा रही है’

प्रशांत किशोर ने बाद में एक न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए अपने बयान को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने बयान में बीजेपी के नेतृत्व के विकास को समझाने की कोशिश की है। अगर आप अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी की तुलना करें, तो वाजपेयी को ‘नरम हिंदुत्व’ का चेहरा माना जाता था, जबकि आडवाणी को ‘हार्डलाइनर’। लेकिन आज के संदर्भ में अगर आप आडवाणी और मोदी की तुलना करें, तो जो लोग कभी आडवाणी को कट्टर मानते थे, वे मोदी की तुलना में उन्हें नरम मानेंगे।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “तो मैंने यह समझाने की कोशिश की है कि समय के साथ, बीजेपी के नेतृत्व का रास्ता और भी अधिक ‘हार्डलाइन’ होता जाएगा। अगले 10 से 15 वर्षों में, बीजेपी का नेतृत्व किसी ऐसे व्यक्ति के हाथों में होगा कि मोदी का नेतृत्व भी नरम लगने लगेगा।”

प्रशांत किशोर ने मुस्लिम सम्मेलन में मौजूद लोगों से यह भी पूछा कि वे अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए क्यों डरते हैं। उनके इस बयान ने बिहार चुनाव से पहले राजनीतिक बहस को एक नया मोड़ दिया है, जहाँ बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच गठबंधन पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रशांत किशोर अपने बयानों के जरिए लगातार राजनीतिक हलचल पैदा करते रहते हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके इस नवीनतम दावे पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है।

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