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मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता असद खान जिलानी गिरफ्तार, भारत माता पर विवादित टिप्पणी से बवाल

मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता असद खान जिलानी गिरफ्तार, भारत माता पर विवादित टिप्पणी से बवाल

समग्र समाचार सेवा
सिरोंज (विदिशा), मध्य प्रदेश | 6 अक्टूबर:
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र में कांग्रेस नेता असद खान जिलानी को फेसबुक पर भारत माता के चित्र पर की गई विवादास्पद टिप्पणी के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। यह टिप्पणी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी पर जारी स्मारक सिक्के से संबंधित थी, जिसमें भारत माता का चित्र दर्शाया गया था।

जिलानी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “जिसके हाथ में तिरंगा नहीं, वह हमारी भारत माता नहीं। इस डायन की पूजा पिशाच करें।” इस टिप्पणी के तुरंत बाद पोस्ट वायरल हो गई और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ शुरू हो गईं। कई उपयोगकर्ताओं और संगठनों ने इसे भारत माता और राष्ट्र की भावना का अपमान बताया।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) और कई स्थानीय हिंदू संगठनों ने सिरोंज थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए जिलानी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि यह बयान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला है और साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ सकता है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि असद खान जिलानी पहले भी इस तरह के भड़काऊ वक्तव्य दे चुके हैं।

टिप्पणी के बाद सिरोंज शहर में भारी रोष फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर पुतला दहन किया और जिलानी के खिलाफ नारे लगाए। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए जिनमें देखा गया कि भीड़ थाने के बाहर जमा होकर तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रही थी।

जन दबाव बढ़ने पर स्थानीय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए असद खान जिलानी को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने इस मामले में आपराधिक कानूनों और धर्म से जुड़ी धाराओं के अंतर्गत जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्ट की भाषा से सामुदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा था, इसलिए कानूनी कार्रवाई अनिवार्य थी।

कांग्रेस पार्टी ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन भीतरखाने में इसे लेकर असहजता देखी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना मध्य प्रदेश में पहले से गरम चुनावी वातावरण को और संवेदनशील बना सकती है।

यह प्रकरण एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर कही गई एक आपत्तिजनक बात कितनी तेजी से विवाद और कानूनी संकट का रूप ले सकती है। राजनीतिक और धार्मिक मुद्दों पर बयान देते समय नेताओं की जिम्मेदारी और सावधानी दोनों आवश्यक हैं ताकि सामाजिक सद्भावना बनी रहे।

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