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पश्चिम बंगाल: बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए BJP सांसद-विधायक पर हमला

पश्चिम बंगाल बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए BJP सांसद-विधायक पर हमला

पश्चिम बंगाल बाढ़ पीड़ितों से मिलने गए BJP सांसद-विधायक पर हमला

समग्र समाचार सेवा
जलपाईगुड़ी (पश्चिम बंगाल), 7 अक्टूबर 2025: उत्तर बंगाल में हाल ही में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण भयंकर तबाही हुई है, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसी आपदा से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री वितरित करने और स्थिति का जायजा लेने के लिए सोमवार को भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल नागराकाटा पहुंचा था। इस प्रतिनिधिमंडल में मालदा उत्तर के सांसद खगेन मुर्मू और सिलीगुड़ी के विधायक डॉ. शंकर घोष शामिल थे।

जैसे ही नेताओं का काफिला नागराकाटा के डूआर्स क्षेत्र में पहुंचा, तभी ‘वापस जाओ’ के नारे लगाते हुए करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने अचानक काफिले पर पत्थरों, ईंटों और चप्पलों से हमला कर दिया। विधायक शंकर घोष के अनुसार, भीड़ ने उनकी गाड़ी को भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और नेताओं को गाड़ी से खींचकर निकालने की कोशिश की गई।

हमले की गंभीरता इस बात से समझी जा सकती है कि सांसद खगेन मुर्मू को सिर में गंभीर चोट लगी और उनके चेहरे से खून बहने लगा। विधायक घोष किसी तरह मुर्मू को बचाकर भीड़ से निकालने में सफल रहे और उन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिलीगुड़ी रेफर कर दिया गया।

सत्ता और विपक्ष में तीखी जुबानी जंग

इस हमले के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखा उबाल आ गया है। भाजपा नेताओं ने इस घटना को तृणमूल कांग्रेस की सोची-समझी साजिश करार दिया है।

भाजपा का आरोप: भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने TMC पर ‘जंगलराज’ फैलाने का आरोप लगाया। मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सांसद के घायल होने का वीडियो साझा करते हुए लिखा कि “जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता कार्निवल में नाच रही थीं, तब TMC और राज्य प्रशासन गायब था। जो लोग सचमुच में लोगों की मदद कर रहे थे, उन पर राहत कार्य करने के लिए हमला किया जा रहा है। यह TMC का बंगाल है, जहाँ क्रूरता का बोलबाला है और दया को दंडित किया जाता है।” शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर हमलावरों को शह देने का भी आरोप लगाया।

टीएमसी का पक्ष: तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने आरोपों का सीधे तौर पर खंडन किया है। TMC नेताओं का कहना है कि यह हमला राहत सामग्री की कमी या नेताओं के देरी से पहुंचने के कारण जनता के गुस्से का परिणाम हो सकता है। टीएमसी ने यह भी सवाल उठाया कि जब स्थानीय सांसद/विधायक हैं, तो दूर के नेताओं को सिर्फ फोटो-ऑप के लिए क्यों भेजा गया।

प्रधानमंत्री और राज्यपाल की प्रतिक्रिया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘भयावह’ बताया और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। वहीं, राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाने का आह्वान किया।

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी की सूचना नहीं थी। नागराकाटा में इस घटना के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है।

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